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रेलवे क्रॉसिंग काम के चलते डोरंडा, हिनू और सिदरोल सहित कई इलाकों में 4 घंटे रहेगा ब्लैकआउट

रांची: राजधानी रांची के नामकुम, डोरंडा और हिनू समेत कई बड़े इलाकों में शुक्रवार (22 मई) की सुबह बत्ती गुल रहने वाली है। नामकुम स्थित ईएसआईसी अस्पताल के पास चल रहे रेलवे क्रॉसिंग कार्य के चलते बिजली विभाग ने 33 केवी के दो प्रमुख फीडरों—कुसई

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रांची: राजधानी रांची के नामकुम, डोरंडा और हिनू समेत कई बड़े इलाकों में शुक्रवार (22 मई) की सुबह बत्ती गुल रहने वाली है। नामकुम स्थित ईएसआईसी अस्पताल के पास चल रहे रेलवे क्रॉसिंग कार्य के चलते बिजली विभाग ने 33 केवी के दो प्रमुख फीडरों—कुसई फीडर और सिदरोल फीडर से सुबह 6 बजे से लेकर 10 बजे तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद रखने का फैसला किया है। बिजली विभाग ने गुरुवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर उपभोक्ताओं को इसकी आधिकारिक जानकारी दी है।

विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस 4 घंटे के शटडाउन के दौरान प्रभावित इलाकों में रोटेशन के आधार पर आंशिक बिजली देने की कोशिश की जाएगी, लेकिन उपभोक्ताओं से अपील है कि वे सुबह के जरूरी काम पहले ही निपटा लें।

ये इलाके रहेंगे सबसे ज्यादा प्रभावित

33 केवी कुसई फीडर बंद रहने से घाघरा, कुसई, डोरंडा बाजार, रिसलदार नगर, अनंतपुर, निवारणपुर, मजिस्ट्रेट कॉलोनी, हिनू और इसके आसपास के मोहल्लों में हाहाकार रह सकता है।

वहीं, दूसरी तरफ 33 केवी सिदरोल फीडर के बंद होने से सदाबहार, कालीनगर, कोचाटोली, तुंबागुट्टू, बरगामा, खिजरी, सिदरौल, पलांडू, रजाउलातु, सरवाल, जमचुआं, हाहाप, गरके, चटकपुर, प्रेस कॉलोनी, आईएएस कॉलोनी, लाली, कृषि अनुसंधान केंद्र, जरगापाइगा, बोंगाईबेरा, बुधीबेरा, महादेव टोली, तुतिहारा सोगोद और कुदागाड़ा जैसे ग्रामीण व शहरी सीमांत क्षेत्रों में भी विद्युत आपूर्ति ठप रहेगी।

एयरपोर्ट को सीधे जोड़ने की तैयारी, साथ ही होगी पेड़ों की छंटाई

इस शटडाउन का एक बड़ा फायदा भविष्य में रांची एयरपोर्ट को मिलने वाला है। दरअसल, इस मेंटेनेंस कार्य के ठीक बाद रांची (बिरसा मुंडा) एयरपोर्ट की बिजली आपूर्ति को नामकुम ग्रिड से एक सीधे अलग स्रोत (डायरेक्ट सोर्स) से जोड़ दिया जाएगा। इससे आने वाले दिनों में एयरपोर्ट पर बिना किसी ट्रिपिंग के सुचारू और निर्बाध बिजली सप्लाई सुनिश्चित हो सकेगी। इसके साथ ही, विभाग इस खाली समय का उपयोग मानसून और आंधी-तूफान से पहले लाइनों के पास मौजूद पेड़ों की टहनियों की छंटाई (प्रूनिंग) के लिए भी करेगा, ताकि भविष्य में फॉल्ट की समस्या कम से कम हो।

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