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Mumbai: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मध्य पूर्व में जारी तनाव का असर अब सीधे आम जनता की जेब पर दिखाई देने लगा है। तेल कंपनियों ने शुक्रवार की सुबह पेट्रोल और डीजल के नए दाम जारी किए, जिसमें देशभर के कई बड़े शहरों में ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम में 3 रुपये से लेकर 3.60 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि हुई है। ऐसे में रोजाना वाहन इस्तेमाल करने वाले लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। खासकर नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए यह महंगाई बड़ी चिंता बनती जा रही है।
देश के अलग-अलग महानगरों और प्रमुख शहरों में पेट्रोल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला है। मुंबई में पेट्रोल 3.10 रुपये महंगा होकर 106.64 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं, देश की राजधानी नई दिल्ली में पेट्रोल की कीमत में 3 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद नया रेट 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गया है। कोलकाता में सबसे ज्यादा असर देखने को मिला, जहां पेट्रोल 3.29 रुपये बढ़कर 108.74 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इसके अलावा चेन्नई में पेट्रोल 103.90 रुपये (3.10 रुपये की वृद्धि) और बेंगलुरु में 106.17 रुपये (3.21 रुपये की वृद्धि) प्रति लीटर बिक रहा है। नोएडा में पेट्रोल 98.04 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जबकि गुरुग्राम में इसकी कीमत 98.29 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है। भुवनेश्वर में सबसे बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली, जहां पेट्रोल 3.60 रुपये महंगा होकर 104.57 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया।
डीजल के दाम में भी भारी बढ़ोतरी
पेट्रोल के साथ-साथ डीजल की कीमतों में भी बड़ी तेजी आई है। परिवहन और माल ढुलाई पर इसका सीधा असर पड़ने की आशंका है, जिससे आने वाले दिनों में अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। महानगरों की बात करें तो मुंबई में डीजल 93.14 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जबकि नई दिल्ली में इसकी कीमत बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। कोलकाता में डीजल 95.13 रुपये और चेन्नई में डीजल की नई कीमत 95.47 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इसके अलावा नोएडा में डीजल 91.31 रुपये, बेंगलुरु में 94.10 रुपये और भुवनेश्वर में 96.11 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है।
आम जनता पर बढ़ेगा महंगाई का बोझ
ईंधन की कीमतों में हुई इस अचानक बढ़ोतरी का असर सिर्फ वाहन चालकों तक ही सीमित नहीं रहने वाला है। ट्रांसपोर्टेशन महंगा होने के कारण फल-सब्जियों, दूध, राशन और रोजमर्रा के अन्य सामानों के दाम भी बढ़ने तय हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम ऐसे ही बढ़ते रहे, तो आने वाले दिनों में आम उपभोक्ताओं को महंगाई का और भी तगड़ा सामना करना पड़ सकता है।

