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London, (UK): चिकित्सा विज्ञान ने एक ऐसा हैरतअंगेज चमत्कार कर दिखाया है जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। यह अनोखी घटना इन दिनों मेडिकल जगत में सबसे बड़ी चर्चा का विषय बनी हुई है। अपनी जिंदगी बचाने के लिए एक नवजात शिशु को अपनी मां के गर्भ से दो बार जन्म लेना पड़ा। इस बच्चे का नाम कैसियन जौबर्ट है, जिसकी जान बचाने के लिए डॉक्टरों ने बेहद जोखिम भरी और अत्यंत दुर्लभ सर्जरी का सहारा लिया।
कैसियन की मां के एशर और पिता ग्रेग जौबर्ट को जनवरी 2025 में पता चला था कि उनके घर दूसरा बच्चा आने वाला है। परिवार इस खुशखबरी से बेहद उत्साहित था, लेकिन गर्भावस्था के 19वें सप्ताह में डॉक्टरों ने एक गंभीर और डराने वाली बीमारी का पता लगाया। रूटीन जांच में सामने आया कि गर्भ में पल रहे बच्चे को ‘कैओस’ (CHAOS) नाम की बेहद दुर्लभ बीमारी है। इस बीमारी में बच्चे की सांस की नली एक मोटी झिल्ली के कारण पूरी तरह बंद हो जाती है, जिससे फेफड़ों में तरल पदार्थ भरने लगता है। ऐसे मामलों में ज्यादातर बच्चों की गर्भ में ही या जन्म के तुरंत बाद मौत हो जाती है।
डॉक्टरों ने पहले गर्भ के भीतर ही लेजर तकनीक से इस ब्लॉकेज को हटाने की कोशिश की, लेकिन यह प्रयास पूरी तरह विफल रहा। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने एक ऐसा कठिन और ऐतिहासिक फैसला लिया जिसकी मिसाल मिलना मुश्किल है।
जून 2025 में, जब के एशर 25 सप्ताह की गर्भवती थीं, तब डॉक्टरों ने एक विशेष ऑपरेशन के जरिए उनके पेट को खोला। डॉक्टरों ने बच्चे का सिर और हाथ बेहद सावधानी से बाहर निकाले, जबकि उसका बाकी शरीर गर्भ के भीतर प्लेसेंटा से जुड़ा रहा ताकि उसे ऑक्सीजन मिलती रहे। इसी नाजुक मोड़ पर विशेषज्ञ डॉक्टर इमैनुएल व्लास्तोस ने बच्चे की गर्दन पर बेहद बारीक सर्जरी की और उसकी बंद सांस की नली को खोला।
सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी होने के बाद बच्चे को वापस मां के गर्भ में सुरक्षित रख दिया गया और पेट को सिल दिया गया। इसके करीब दो महीने बाद अगस्त 2025 में कैसियन का प्राकृतिक और सामान्य तरीके से दोबारा जन्म हुआ। इस तरह यह बच्चा तकनीकी रूप से दो बार मां के गर्भ से बाहर आया। जन्म के समय उसका वजन केवल 1.4 किलोग्राम था और उसे चार महीने से ज्यादा समय तक एनआईसीयू (NICU) में रखना पड़ा। डॉक्टरों की कड़ी निगरानी के बाद अब उसकी सेहत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।

