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वेंटिलेटर पर झारखंड की सेहत : खून के लिए तड़प रहे बच्चे और मंत्री जी चला रहे रिक्शा

रांची: झारखंड की सियासत में मंगलवार को स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जुबानी जंग तेज हो गई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य की चिकित्सा व्यवस्था को “वेंटिलेटर” पर बताते हुए हेमंत सरकार और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को आड़े

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रांची: झारखंड की सियासत में मंगलवार को स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जुबानी जंग तेज हो गई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य की चिकित्सा व्यवस्था को “वेंटिलेटर” पर बताते हुए हेमंत सरकार और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को आड़े हाथों लिया। शाहदेव ने आरोप लगाया कि जब राज्य के मासूम बच्चे और मरीज बुनियादी सुविधाओं के अभाव में दम तोड़ रहे हैं, तब सरकार सिर्फ दिखावे की राजनीति और इवेंट मैनेजमेंट में व्यस्त है।

थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों की दुर्दशा और खून का संकट

प्रतुल शाहदेव ने बेहद संवेदनशील मुद्दा उठाते हुए कहा कि राज्य के 14 जिलों में थैलेसीमिया से पीड़ित सैकड़ों बच्चे खून की एक-एक बूंद के लिए तड़प रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य का ब्लड बैंक सिस्टम पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कथित तौर पर बिना जांच के एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाने जैसी जानलेवा लापरवाही के मामले सामने आए हैं, लेकिन अब तक सिस्टम के दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

डॉक्टरों और स्टाफ की भारी कमी का ‘जहर’

भाजपा प्रवक्ता ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों के लगभग 60 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं। बड़े अस्पतालों में नर्सों की कमी 70 से 80 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि 3000 से अधिक पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति अधर में लटकी है। शाहदेव ने तंज कसते हुए कहा कि कई स्वास्थ्य केंद्रों में तो पैरासिटामोल जैसी सामान्य दवा तक उपलब्ध नहीं है, जिससे गरीब मरीज दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

प्रतुल शाहदेव, प्रदेश प्रवक्ता

स्वास्थ्य मंत्री के ‘रिक्शा’ पर सियासी तंज

प्रतुल शाहदेव ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि जब राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था खुद ‘आईसीयू’ में भर्ती है, तब मंत्री जी “रिक्शा चलाकर फोटो खिंचवाने” में व्यस्त हैं। उन्होंने सवालिया लहजे में पूछा कि क्या अब मंत्री महोदय इसी रिक्शे से अस्पतालों में खून और दवाइयां पहुंचाएंगे?

भाजपा की प्रमुख मांगें

भाजपा ने राज्य सरकार से मांग की है कि फोटोबाजी छोड़कर धरातल पर काम किया जाए। पार्टी ने तत्काल डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों की बहाली करने, ब्लड बैंक व्यवस्था को दुरुस्त करने और थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए एक विशेष ‘इमरजेंसी प्लान’ लागू करने की सख्त चेतावनी दी है।

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