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अब घर बैठे मिलेगी हॉस्पिटल जैसी थेरेपी, जानें क्यों लोकप्रिय हो रही है यह विधा

Lifestyle Desk: आधुनिक जीवनशैली में शारीरिक समस्याओं से निपटने के लिए अब लोग दवाइयों के बजाय प्राकृतिक उपचार की ओर रुख कर रहे हैं। इसी कड़ी में फिजियोथेरेपी, जिसे हिंदी में ‘भौतिक चिकित्सा पद्धति’ कहा जाता है, आजकल काफी लोकप्रिय हो रही है। घुटनों, पीठ

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Lifestyle Desk: आधुनिक जीवनशैली में शारीरिक समस्याओं से निपटने के लिए अब लोग दवाइयों के बजाय प्राकृतिक उपचार की ओर रुख कर रहे हैं। इसी कड़ी में फिजियोथेरेपी, जिसे हिंदी में ‘भौतिक चिकित्सा पद्धति’ कहा जाता है, आजकल काफी लोकप्रिय हो रही है। घुटनों, पीठ या कमर दर्द जैसी समस्याओं से बचने और प्रभावी इलाज के लिए यह विधा एक वरदान साबित हो रही है, क्योंकि इसमें बिना दवा खाए मांसपेशियों को सक्रिय किया जाता है।

मांसपेशियों को सक्रिय करने की आधुनिक विधा— विशेषज्ञों के अनुसार, प्रशिक्षित फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा विशिष्ट व्यायामों के जरिए शरीर की मांसपेशियों को सही अनुपात में सक्रिय करना ही फिजियोथेरेपी है। लगातार घंटों तक कुर्सी पर बैठने या गलत मुद्रा (Posture) के कारण होने वाले दर्द और खेल के दौरान लगने वाली अंदरूनी चोटों को ठीक करने के लिए खुद डॉक्टर भी फिजियोथेरेपी की सलाह देते हैं। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह उपचार कम खर्चीला है और इसके दुष्प्रभाव की आशंका न के बराबर होती है।

स्वस्थ लोगों के लिए भी है उपयोगी— फिजियोथेरेपी केवल मरीजों तक ही सीमित नहीं है। विशेषज्ञ बताते हैं कि स्वस्थ व्यक्ति भी खुद को फिट रखने के लिए पेशेवर फिजियोथेरेपिस्ट की मदद ले सकते हैं। अस्थमा, फ्रैक्चर और गर्भवती महिलाओं के लिए भी यह पद्धति अत्यंत लाभकारी मानी जाती है। देश के लगभग हर बड़े अस्पताल में अब यह सुविधा उपलब्ध है।

घर पर फिजियोथेरेपी का बढ़ता ट्रेंड— आजकल बुजुर्गों और कामकाजी लोगों के लिए घर पर ही फिजियोथेरेपी सेवा लेने का चलन तेजी से बढ़ा है। इसकी मुख्य वजह यह है कि घर पर फिजियोथेरेपिस्ट मरीज पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान दे पाता है, जो क्लीनिक या अस्पताल की भीड़ में अक्सर संभव नहीं हो पाता। पेशेवर पेशेवरों की निगरानी में होने वाले इन व्यायाम कार्यक्रमों ने इस सेवा को और भी भरोसेमंद बना दिया है।

सत्र पूरे करना है अनिवार्य— यदि आप फिजियोथेरेपी का लंबे समय तक लाभ उठाना चाहते हैं, तो इसके सभी सत्र (Sessions) पूरे करना बेहद जरूरी है। उपचार शुरू करने से पहले ही इसकी कुल अवधि और प्रक्रिया की पूरी जानकारी ले लेनी चाहिए ताकि बीच में इलाज छूटने से सुधार की प्रक्रिया प्रभावित न हो।

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