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भादूआ गांव में घुसे 5 जंगली हाथी, कई एकड़ धान रौंदी; दहशत

Jamshedpur news : पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड अंतर्गत भादूआ गांव में जंगली हाथियों के एक झुंड ने खेतों में घुसकर किसानों की तैयार धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा दिया। गुरुवार देर रात करीब पांच हाथियों का झुंड श्मशान घाट की दिशा

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Jamshedpur news : पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड अंतर्गत भादूआ गांव में जंगली हाथियों के एक झुंड ने खेतों में घुसकर किसानों की तैयार धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा दिया। गुरुवार देर रात करीब पांच हाथियों का झुंड श्मशान घाट की दिशा से गांव के खेतों की ओर पहुंचा और देखते ही देखते कई किसानों की खड़ी फसल को रौंद डाला। इस घटना से गांव के किसानों की महीनों की मेहनत कुछ ही देर में बर्बाद हो गई।

ग्रामीणों के अनुसार रात के समय खेतों से अजीब आवाजें सुनाई देने पर लोग बाहर निकले तो देखा कि हाथियों का झुंड धान के खेतों में घुस चुका है। इसके बाद गांव के लोग एकजुट होकर हाथियों को भगाने के लिए बम-पटाखे फोड़ने लगे और मशाल जलाकर उन्हें डराने की कोशिश की। हालांकि हाथियों को भगाने में काफी समय लग गया और तब तक कई एकड़ में लगी धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी थी।

स्थानीय किसानों ने बताया कि हाथियों का यह झुंड पिछले कई दिनों से आसपास के इलाकों में घूम रहा है और रात के समय खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल है। किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए रात-रात भर खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और प्रभावित खेतों का निरीक्षण किया। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाथियों के झुंड को फिलहाल भादूआ गांव से खदेड़कर लोधासूली के जंगल की ओर भेज दिया गया है। साथ ही वनकर्मियों की टीम लगातार झुंड की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है, ताकि वे दोबारा गांव की ओर न लौट सकें।

वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि हाथियों को देखने पर उन्हें उकसाने की कोशिश न करें और तुरंत विभाग को सूचना दें। साथ ही हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। ग्रामीणों की सुरक्षा और फसलों को बचाने के लिए क्षेत्र में वन विभाग की गश्ती भी बढ़ा दी गई है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से फसल नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि हाथियों के बार-बार गांव में आने से खेती करना मुश्किल हो गया है, इसलिए स्थायी समाधान की दिशा में भी कदम उठाने की जरूरत है।

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