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कोडरमा निकाय चुनाव: मतदान कर्मियों का अंतिम प्रशिक्षण संपन्न, जानें वोटिंग के नए नियम

Koderma: जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त कोडरमा, ऋतु राज के निर्देशन में बागी टांड़ स्थित अभियंत्रण कॉलेज में तृतीय चरण के मतदान कर्मियों का अंतिम प्रशिक्षण शुक्रवार को संपन्न हुआ। उप विकास आयुक्त (DDC) नवीन जैन और जिला शिक्षा अधीक्षक अजय कुमार के मार्गदर्शन में

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Koderma: जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त कोडरमा, ऋतु राज के निर्देशन में बागी टांड़ स्थित अभियंत्रण कॉलेज में तृतीय चरण के मतदान कर्मियों का अंतिम प्रशिक्षण शुक्रवार को संपन्न हुआ। उप विकास आयुक्त (DDC) नवीन जैन और जिला शिक्षा अधीक्षक अजय कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करना है। पूरे कार्यक्रम की व्यवस्था का जिम्मा वरीय सहायक प्रेम नारायण मेहता पर था।

मतपत्रों के रंग और वोटिंग प्रक्रिया

प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर सुदीप सहाय ने बताया कि इस बार नगर निकाय चुनाव में वार्ड पार्षद के लिए सफेद (उजला) और अध्यक्ष पद के लिए हल्का गुलाबी मतपत्र उपयोग किया जाएगा। खास बात यह है कि दोनों मतपत्र एक ही मतपेटी में डाले जाएंगे। मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है। मास्टर ट्रेनर्स ने मतपेटिका (बैलेट बॉक्स) को सील करने की विधि को विस्तार से समझाया और बताया कि सील पर पीठासीन पदाधिकारी के साथ पोलिंग एजेंट के हस्ताक्षर भी अनिवार्य होंगे।

शाम 5 बजे के बाद वोटिंग का नियम

ट्रेनिंग में स्पष्ट किया गया कि शाम 5 बजे से पहले जो भी मतदाता केंद्र पर उपस्थित होंगे, उन्हें मतदान की अनुमति दी जाएगी। समय समाप्त होने पर पीठासीन पदाधिकारी लाइन में खड़े अंतिम व्यक्ति से नंबरिंग शुरू कर पर्ची वितरित करेंगे। पर्ची वितरण के बाद किसी भी नए मतदाता को कतार में शामिल होने की अनुमति नहीं मिलेगी। कतार में खड़े अंतिम मतदाता के वोट डालने के बाद ही मतदान समाप्ति की घोषणा की जाएगी।

हेल्प डेस्क और रिसीविंग काउंटर की सुविधा

मतदान कर्मियों की सुविधा के लिए इस बार विशेष इंतजाम किए गए हैं। सामग्री जमा करने के समय मास्टर ट्रेनर हेल्प डेस्क पर मौजूद रहेंगे। लंबी कतारों से बचने के लिए पर्याप्त काउंटर बनाए जा रहे हैं, ताकि मतदान पदाधिकारी बिना किसी देरी के अपनी सामग्री जमा कर सकें। पीठासीन पदाधिकारी को डायरी, मतपत्र लेखा, पेपर सील लेखा और विजिट शीट जैसे विधिक प्रपत्रों को सावधानीपूर्वक तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशिक्षण देने वालों में अश्विनी तिवारी, मनोज चौरसिया, नरेश यादव, रामचंद्र ठाकुर, उमेश सिन्हा, विवेक रंजन, राजेश्वर पांडे और अन्य ट्रेनर्स शामिल थे।

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