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देसी शादियों पर चढ़ा विदेशी खुमार: सात फेरों के लिए थाईलैंड बना नंबर-1!

New Delhi: भारतीय शादियों की रौनक अब देश की गलियों और बैंक्वेट हॉल्स से निकलकर सात समंदर पार पहुंच गई है। अब शादियां सिर्फ रस्मों का मिलन नहीं, बल्कि एक ‘इंटरनेशनल वेकेशन’ बन गई हैं। हालिया रिपोर्ट्स के चौंकाने वाले आंकड़े बताते हैं कि भारतीय

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New Delhi: भारतीय शादियों की रौनक अब देश की गलियों और बैंक्वेट हॉल्स से निकलकर सात समंदर पार पहुंच गई है। अब शादियां सिर्फ रस्मों का मिलन नहीं, बल्कि एक ‘इंटरनेशनल वेकेशन’ बन गई हैं। हालिया रिपोर्ट्स के चौंकाने वाले आंकड़े बताते हैं कि भारतीय जोड़ों के बीच थाईलैंड डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए सबसे पसंदीदा विदेशी ठिकाना बनकर उभरा है।

शादी का बदला बजट और स्टाइल: ‘ग्रैंड व्यू रिसर्च’ और ‘पॉलिसी बाज़ार’ की मानें तो डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस की मांग में 27% से ज्यादा का उछाल आया है। हाई-बजट शादियों (1 करोड़ से ऊपर) का आलम यह है कि ऐसी 60 प्रतिशत से ज्यादा शादियां अब भारत के बाहर हो रही हैं।

  • बजट फ्रेंडली: थाईलैंड, वियतनाम और श्रीलंका कम खर्च में लग्जरी अनुभव दे रहे हैं।

  • शाही पसंद: इटली, स्पेन और ग्रीस जैसे देश अमीर परिवारों की पहली पसंद बने हुए हैं।

  • प्राइवेट वेडिंग: ओमान और मालदीव में चुनिंदा मेहमानों के साथ निजी समारोहों का ट्रेंड बढ़ा है।

जेन-जी और मिलेनियल्स की नई पसंद: रिपोर्ट के अनुसार, करीब 49% युवा (Gen Z) अब पारंपरिक शादियों के बजाय घर से दूर किसी खूबसूरत जगह पर शादी करना पसंद कर रहे हैं। मुंबई (16%), बेंगलुरु (13%) और दिल्ली (8%) जैसे महानगर इस रेस में सबसे आगे हैं, लेकिन अब छोटे शहरों से भी लोग सात फेरों के लिए सूटकेस पैक कर रहे हैं।

देश के भीतर भी है क्रेज: विदेशी होड़ के बावजूद भारत के भीतर राजस्थान का जादू बरकरार है। जयपुर, जोधपुर और जैसलमेर के महलों के साथ-साथ अब गुलमर्ग की बर्फीली वादियों में भी शादियों का नया ट्रेंड शुरू हुआ है। लोग अब केवल शादी नहीं कर रहे, बल्कि एक ऐसी यादें बना रहे हैं जिसमें पर्यटन और परंपरा का अनोखा संगम हो।

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