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दुनिया की सबसे ताकतवर सेना कौन? जानिए भारत किस नंबर पर है

India News: आधुनिक दौर में युद्ध केवल हथियारों और सैनिकों की संख्या से नहीं जीते जाते। अब तकनीक, इंटेलिजेंस, लॉजिस्टिक्स, साइबर क्षमता और रणनीतिक ताकत किसी भी देश की सैन्य शक्ति तय करती है। इन्हीं सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए Global Firepower Index

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India News: आधुनिक दौर में युद्ध केवल हथियारों और सैनिकों की संख्या से नहीं जीते जाते। अब तकनीक, इंटेलिजेंस, लॉजिस्टिक्स, साइबर क्षमता और रणनीतिक ताकत किसी भी देश की सैन्य शक्ति तय करती है। इन्हीं सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए Global Firepower Index ने साल 2025 के लिए दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेनाओं की सूची जारी की है। इस रैंकिंग में 145 देशों की सैन्य क्षमताओं का विस्तृत आकलन किया गया है।

अमेरिका फिर सबसे ताकतवर

इस सूची में अमेरिका को एक बार फिर दुनिया की सबसे शक्तिशाली सैन्य ताकत बताया गया है। अमेरिका को मिलिट्री पावर इंडेक्स में 0.07 अंक मिले हैं, जो उसकी जबरदस्त सैन्य क्षमता को दर्शाता है।

अमेरिका के पास करीब 13 लाख 28 हजार सक्रिय सैनिक हैं। इसके अलावा उसकी ताकत अत्याधुनिक फाइटर जेट्स, एयरक्राफ्ट कैरियर, मिसाइल डिफेंस सिस्टम, सैटेलाइट नेटवर्क और वैश्विक सैन्य ठिकानों से आती है। हाल के वर्षों में अमेरिका ने टेक्नोलॉजी आधारित युद्ध क्षमता पर सबसे ज्यादा निवेश किया है।

रूस और चीन की मजबूत मौजूदगी

दूसरे स्थान पर रूस है, जिसे 0.08 अंक मिले हैं। रूस के पास करीब 13 लाख 20 हजार सक्रिय सैनिक हैं। तीसरे नंबर पर चीन है, जिसके पास 20 लाख 35 हजार से ज्यादा सैनिक हैं। सैनिकों की संख्या के मामले में चीन सबसे आगे है, लेकिन टेक्नोलॉजी और ग्लोबल रीच के पैमाने पर वह अमेरिका से पीछे माना गया है।

भारतीय सेना टॉप-4 में

इस रैंकिंग में भारत को चौथा स्थान मिला है। भारत को मिलिट्री पावर इंडेक्स में 0.12 अंक दिए गए हैं। भारतीय सेना के पास करीब 14 लाख 55 हजार सक्रिय सैनिक हैं। थलसेना, वायुसेना और नौसेना के संतुलन, परमाणु क्षमता, मिसाइल सिस्टम और स्वदेशी रक्षा उत्पादन ने भारत को दुनिया की टॉप-4 सैन्य ताकतों में शामिल किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की रणनीतिक स्थिति और रक्षा आधुनिकीकरण कार्यक्रम आने वाले वर्षों में उसकी स्थिति को और मजबूत कर सकते हैं।

टॉप-10 में कौन-कौन

पांचवें स्थान पर दक्षिण कोरिया (0.17) है, जिसके पास 6 लाख सक्रिय सैनिक हैं।

छठे नंबर पर ब्रिटेन (0.18), सातवें पर जापान (0.18), आठवें पर फ्रांस, नौवें पर तुर्की और दसवें स्थान पर इटली है। दिलचस्प बात यह है कि जापान, ब्रिटेन और फ्रांस के पास सैनिकों की संख्या अपेक्षाकृत कम है, लेकिन आधुनिक हथियार, तकनीक और ट्रेनिंग के कारण वे टॉप-10 में बने हुए हैं।

पाकिस्तान, इजरायल और ईरान की स्थिति

इस सूची में पाकिस्तान 12वें स्थान पर है, जिसके पास 6 लाख 54 हजार सक्रिय सैनिक हैं।

जर्मनी 14वें और इजरायल 15वें नंबर पर है। इजरायल के ठीक बाद 16वें स्थान पर ईरान है, जिसके पास करीब 6 लाख 10 हजार सैनिक हैं।

इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया 18वें, मिस्र 19वें और सऊदी अरब 25वें स्थान पर है।

क्यों सिर्फ सैनिक संख्या काफी नहीं

विशेषज्ञों के अनुसार सैनिकों की संख्या सैन्य ताकत का केवल एक पहलू है। आज ड्रोन टेक्नोलॉजी, साइबर वॉरफेयर, सैटेलाइट इंटेलिजेंस, मिसाइल डिफेंस सिस्टम और लॉजिस्टिक सपोर्ट किसी भी सेना की असली ताकत बन चुके हैं। यही वजह है कि कम सैनिकों के बावजूद कई देश ऊंची रैंक पर हैं।

कुल मिलाकर, 2025 की यह रैंकिंग साफ करती है कि आने वाले समय में वही देश सैन्य रूप से मजबूत माने जाएंगे, जो तकनीक और रणनीति दोनों में आगे होंगे। भारत की टॉप-4 में मौजूदगी उसके लिए रणनीतिक रूप से एक मजबूत संकेत मानी जा रही है।

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