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अखिलेश के भाई प्रतीक की पोस्ट से सियासी हलचल, तलाक की बात सामने

Lucknow News: लखनऊ में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव और उनकी पत्नी अपर्णा यादव के वैवाहिक रिश्ते में दरार की खबरों ने सियासी और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है। प्रतीक यादव की ओर से सोशल मीडिया पर की

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Lucknow News: लखनऊ में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव और उनकी पत्नी अपर्णा यादव के वैवाहिक रिश्ते में दरार की खबरों ने सियासी और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है। प्रतीक यादव की ओर से सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट के बाद यह विवाद खुलकर सामने आया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रतीक यादव ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक के बाद एक कई पोस्ट साझा करते हुए अपर्णा यादव से अलग होने और तलाक लेने की बात कही है। इन पोस्ट्स में उन्होंने अपनी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रतीक ने दावा किया है कि अपर्णा ने उन्हें उनके माता-पिता और भाई से अलग कर दिया और केवल अपनी प्रसिद्धि और राजनीतिक पहचान बढ़ाने में जुटी रहीं।

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प्रतीक यादव ने अपनी पोस्ट में अपर्णा को स्वार्थी बताते हुए यहां तक लिखा कि उन्होंने पूरे परिवार को तोड़ दिया। उन्होंने अपनी संतान की कसम खाते हुए कहा कि पारिवारिक मूल्यों की अनदेखी कर केवल पब्लिक इमेज और राजनीतिक प्रभाव को प्राथमिकता दी गई। प्रतीक के मुताबिक यही वजह है कि वह अब इस रिश्ते को आगे नहीं बढ़ाना चाहते।

फिलहाल प्रतीक यादव विदेश में हैं, जबकि अपर्णा यादव चेन्नई में बताई जा रही हैं। दोनों के अलग-अलग स्थानों पर होने की वजह से सीधा संवाद नहीं हो पा रहा है, जिससे स्थिति और जटिल होती नजर आ रही है।

इस बीच अपर्णा यादव के समर्थकों और नजदीकी लोगों ने प्रतीक की पोस्ट को लेकर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि प्रतीक यादव का इंस्टाग्राम अकाउंट हैक कर लिया गया है और उन्हीं के अकाउंट से ये पोस्ट्स डाली गई हैं। अपर्णा खेमे की ओर से कहा गया है कि जल्द ही इस पूरे मामले पर आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की जाएगी।

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गौरतलब है कि प्रतीक यादव हमेशा से लो-प्रोफाइल रहे हैं, जबकि अपर्णा यादव राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। 19 जनवरी 2022 को अपर्णा ने समाजवादी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा था। इसके बाद से ही उनके राजनीतिक रुख को लेकर परिवार के भीतर मतभेद की चर्चा होती रही है।

अपर्णा यादव कई मुद्दों पर परिवार की राजनीतिक लाइन से अलग बयान देती रही हैं। चाहे जातिगत आरक्षण का सवाल हो या केजीएमयू से जुड़े विवाद, उनके स्टैंड ने अक्सर सुर्खियां बटोरी हैं। प्रतीक की पोस्ट में भी इशारा किया गया है कि अपर्णा का परिवार के खिलाफ जाकर बीजेपी की नीतियों का समर्थन करना उन्हें स्वीकार नहीं था।

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यूपी के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों में से एक की छोटी बहू के वैवाहिक जीवन में आई यह दरार अब लखनऊ से लेकर दिल्ली तक चर्चा का विषय बन गई है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि विदेश से लौटने के बाद प्रतीक यादव इन पोस्ट्स को लेकर क्या रुख अपनाते हैं और क्या यह विवाद कानूनी मोड़ लेता है।

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