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जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा घोटाले में नया मोड़, ईडी ने दर्ज की ईसीआईआर

रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की दूसरी सिविल सेवा परीक्षा (जेपीएससी-2) में कथित अनियमितताओं का मामला अब और गंभीर हो गया है। वर्षों पुराने इस बहुचर्चित घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू करते हुए प्रवर्तन मामला सूचना

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रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की दूसरी सिविल सेवा परीक्षा (जेपीएससी-2) में कथित अनियमितताओं का मामला अब और गंभीर हो गया है। वर्षों पुराने इस बहुचर्चित घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू करते हुए प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज कर ली है। ईडी की इस कार्रवाई से प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।

ईडी के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस ईसीआईआर में सीबीआई द्वारा नामजद 60 आरोपितों को शामिल किया गया है। इन पर आरोप है कि जेपीएससी-2 परीक्षा में अयोग्य परीक्षार्थियों को गलत तरीके से सफल घोषित किया गया और इसके पीछे बड़े पैमाने पर धन के लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग की भूमिका रही।

ईडी द्वारा नामजद आरोपितों में जेपीएससी से जुड़े छह तत्कालीन अधिकारी, परीक्षा में कथित रूप से गलत ढंग से सफल घोषित होकर अधिकारी बने 28 परीक्षार्थी, 25 परीक्षक और एक निजी एजेंसी मैसर्स ग्लोबल इनफॉरमेटिक्स के मैनेजर धीरज कुमार शामिल हैं। आरोप है कि लिखित परीक्षा और साक्षात्कार (इंटरव्यू) में अंकों की हेराफेरी कर चयन प्रक्रिया को प्रभावित किया गया।

जेपीएससी के जिन अधिकारियों को आरोपित बनाया गया है, उनमें तत्कालीन अध्यक्ष और सदस्य भी शामिल हैं। इनमें प्रमुख नाम तत्कालीन अध्यक्ष दिलीप कुमार प्रसाद का है, जिन्होंने आयोग में लंबे समय तक विभिन्न पदों पर कार्य किया। वह पहले सदस्य, फिर कार्यकारी अध्यक्ष और बाद में अध्यक्ष बनाए गए थे। उनका कार्यकाल 29 जनवरी 2002 से 13 अप्रैल 2010 तक रहा। इसके अलावा तत्कालीन सदस्य गोपाल प्रसाद, शांति देवी, राधा गोविंद नागेश, परीक्षा नियंत्रक एलिस उषा रानी सिंह और असिस्टेंट कोऑर्डिनेट इवैलुएशन अरविंद कुमार सिंह को भी आरोपित बनाया गया है।

ईडी की जांच की जद में वे परीक्षार्थी भी हैं, जो जेपीएससी-2 में चयन के बाद आज प्रशासन और पुलिस के उच्च पदों पर कार्यरत हैं। इनमें कई राज्य प्रशासनिक सेवा (एसएएस) के अधिकारी हैं, जो अब एडीएम रैंक तक प्रोन्नत हो चुके हैं। इसी तरह, राज्य पुलिस सेवा (डीएसपी) के रूप में चयनित कुछ अधिकारी आगे चलकर आईपीएस कैडर में भी शामिल हो चुके हैं।

ईडी का कहना है कि अब इन सभी के खिलाफ यह जांच की जाएगी कि परीक्षा में कथित गड़बड़ी से प्राप्त पद, वेतन और अन्य लाभों से अर्जित धन को किस तरह से इस्तेमाल किया गया और क्या उसे मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए छुपाया या निवेश किया गया।

गौरतलब है कि जेपीएससी-2 में गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद पहले राज्य सरकार ने एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) से जांच कराई थी। लेकिन एसीबी की जांच में संतोषजनक प्रगति नहीं होने पर इस मामले को लेकर झारखंड उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल की गई। इसके बाद उच्च न्यायालय ने एसीबी जांच की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए सीबीआई जांच का आदेश दिया।

उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद सीबीआई ने वर्ष 2012 में प्राथमिकी दर्ज की, लेकिन कानूनी अड़चनों और प्रक्रियात्मक देरी के कारण इस मामले में करीब 12 वर्षों बाद, वर्ष 2024 में आरोप पत्र दाखिल किया जा सका। फिलहाल सीबीआई द्वारा आरोपित सभी लोग जमानत पर हैं।

अब ईडी की एंट्री के बाद इस पूरे मामले में नई कानूनी जटिलताएं और बढ़ गई हैं। मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच होने से आरोपितों की संपत्ति, बैंक लेन-देन और वित्तीय लाभों की भी गहन जांच होगी। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में ईडी इस मामले में पूछताछ और संभावित कुर्की की कार्रवाई भी कर सकती है।

जेपीएससी-2 घोटाला झारखंड के सबसे बड़े परीक्षा घोटालों में से एक माना जाता है। ईडी की ताजा कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि अब यह मामला केवल चयन प्रक्रिया की अनियमितताओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके आर्थिक और वित्तीय पहलुओं की भी गहन पड़ताल की जाएगी।

ये हैं मुख्य आरोपी, जो प्रमोशन पाकर उच्च पदों में पहुंच चुके हैं:-

क्रम संख्यानामवर्तमान सेवा/पद
1राधा प्रेम किशोरडीएसपी
2हरिहर सिंह मुंडाडीएसपी
3रवि कुमार कुजूरडीएसपी
4मुकेश कुमार महतोडीएसपी
5शिवेंद्रडीएसपी
6विकास कुमार पांडेयडीएसपी
7अरविंद कुमार सिंहडीएसपी
8बिनोद रामराज्य प्रशासनिक सेवा
9हरिशंकर बड़ाइकराज्य प्रशासनिक सेवा
10कानू राम नागराज्य प्रशासनिक सेवा
11प्रकाश कुमारराज्य प्रशासनिक सेवा
12रजनीश कुमारराज्य प्रशासनिक सेवा
13संतोष कुमार चौधरीराज्य प्रशासनिक सेवा
14रोहित सिन्हाराज्य प्रशासनिक सेवा
15अमित कुमारराज्य प्रशासनिक सेवा
16शिशिर कुमार सिंहराज्य प्रशासनिक सेवा
17राजीव कुमार सिंहराज्य प्रशासनिक सेवा
18राम कृष्ण कुमारराज्य प्रशासनिक सेवा
19प्रमोद रामराज्य प्रशासनिक सेवा
20मनोज कुमारराज्य प्रशासनिक सेवा
21राहुलराज्य प्रशासनिक सेवा
22इंद्रजीत सिंहवित्त सेवा
23सुदामा कुमारवित्त सेवा
24संगीता कुमारीवित्त सेवा
25मौसमी नागेशवित्त सेवा
26कुंदन कुमार सिंहवित्त सेवा
27शैलेश कुमार श्रीवास्तववित्त सेवा
28कुमुद कुमारसहकारिता पदाधिकारी

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