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कूडू में फर्जी रिश्तेदारी का खुलासा, NH मुआवज़े की लड़ाई ने खोले बड़े राज!

Lohardaga News: लोहरदगा जिले के कूडू प्रखंड में जमीन विवाद अब एक गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। मौजा कूडू के खाता संख्या 152, प्लॉट संख्या 278 की 27 डिसमिल जमीन को लेकर चल रहा पुराना विवाद तब सनसनी में बदल गया, जब पीड़ित पक्ष

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Lohardaga News: लोहरदगा जिले के कूडू प्रखंड में जमीन विवाद अब एक गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। मौजा कूडू के खाता संख्या 152, प्लॉट संख्या 278 की 27 डिसमिल जमीन को लेकर चल रहा पुराना विवाद तब सनसनी में बदल गया, जब पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि NH चौड़ीकरण में मिलने वाले मुआवज़े को हड़पने के लिए फर्जी रिश्तेदारी गढ़ने और कागजात बदलने की कोशिश की गई है।

जमीन पर दावा मजबूत करने के लिए वंशावली में हेरफेर से लेकर मतदाता पहचान पत्र और आधार कार्ड तक में पिता का नाम बदल दिए जाने का आरोप है। इलाके में इस मामले ने तेजी से चर्चा पकड़ ली है और लोग इसे संगठित जालसाजी बता रहे हैं।

पीड़ित पक्ष ने लगाई गुहार, कार्रवाई के इंतजार में दिन गिन रहा परिवार

स्थानीय निवासी बुल्ला साहू ने इस पूरे प्रकरण की शिकायत कई बार डीसी, एसपी, एआरडीसी, सीओ से लेकर कुडू थाना तक की है। उनका कहना है कि आवेदन देने के बावजूद जांच की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे विवाद और उलझता जा रहा है।

बुल्ला साहू बताते हैं कि 1932 की खतियान प्रविष्टियों के अनुसार उनके दादा की वंशावली में तीन पुत्र—देवचरण, रामचरण और शिवचरण साहू का नाम दर्ज है। इनमें शिवचरण के बेटे स्वर्गीय डोमन साहू की कोई संतान नहीं थी। जबकि देवचरण और रामचरण के परिवार आज भी इसी जमीन पर रहते हैं।

लेकिन आरोप है कि रांची जिले के अनगड़ा के सिकीदिरी में रहने वाले गणेश प्रसाद साव ने अपने पिता बिगन साव को डोमन साव का बेटा दिखाकर पूरी वंशावली ही बदलवा दी।

इसी आधार पर वर्ष 2024 में उन्हें जाति प्रमाणपत्र और आवासीय प्रमाणपत्र भी जारी करा दिया गया। पीड़ित पक्ष इसे अधिकारियों की मिलीभगत और दस्तावेज़ी हेरफेर का मामला बता रहा है।

पहचान पत्रों में भी बदलाव का आरोप, खुली कई परतें

बुल्ला साहू के अनुसार जालसाजी को मजबूत करने के लिए पहचान पत्रों तक में बदलाव किया गया। पुराने ईपीआईसी नंबर में पिता का नाम बिगन साव था, जबकि नए पहचान पत्र और आधार में पिता का नाम डोमन साव करा लिया गया।

सबसे बड़ा विरोधाभास यह है कि गणेश प्रसाद की मां यमुना देवी आज भी विद्युत विभाग से जिस पेंशन फाइल पर हस्ताक्षर करती हैं, उसमें पति का नाम बिगन साव पिता कारू साव ही दर्ज है। साथ ही सिकीदिरी की वह जमीन, जिस पर गणेश प्रसाद वर्तमान में रहते हैं, वह भी निबंधन में बिगन साव के नाम पर है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि फर्जी रिश्तेदारी साबित कर सिर्फ एक उद्देश्य—NH से मिलने वाले भारी मुआवज़े में हिस्सा हथियाना—पूरा किया जा रहा है।

जांच की मांग, प्रशासन पर उठ रहे सवाल

पीड़ित परिवार ने साफ कहा है कि दस्तावेज़ों की यह हेरफेर बिना कुछ अधिकारियों की मदद के संभव नहीं। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है ताकि सच सामने आ सके और दोषियों पर कार्रवाई हो। कूडू और आसपास के क्षेत्र में यह मुद्दा अब चर्चा का बड़ा विषय बन गया है, और लोग प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल मामला जांच और कार्रवाई के इंतजार में अटका हुआ है, जबकि पीड़ित परिवार न्याय की आस लगाए बैठा है।

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