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सीएम हेमन्त सोरेन ने दुमका में झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट का किया शुभारंभ, 30 पायलटों को मिलेगा प्रशिक्षण

Ranchi/Dumka : झारखंड के विकास इतिहास में आज का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया, जब मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सिदो–कान्हू एयरपोर्ट, दुमका से “झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट” का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विभागों की 190.647 करोड़ रुपये की 12 योजनाओं

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Ranchi/Dumka : झारखंड के विकास इतिहास में आज का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया, जब मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सिदो–कान्हू एयरपोर्ट, दुमका से “झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट” का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विभागों की 190.647 करोड़ रुपये की 12 योजनाओं का उद्घाटन और 123.48 करोड़ रुपये की 14 योजनाओं की आधारशिला रखी। साथ ही 23 लाभुकों के बीच नियुक्ति पत्र, परिसंपत्तियां और आर्थिक सहायता सामग्री वितरित की, जिससे उन्हें नई ऊर्जा और प्रोत्साहन मिला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने के साथ झारखंड विकास के नए आयाम की ओर अग्रसर है। संथाल परगना से शुरू हुई यह विकास यात्रा अब राजधानी रांची तक विस्तारित होगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 में जिसकी नींव रखी गई थी, आज वह फ्लाइंग इंस्टीट्यूट वास्तविक रूप में अस्तित्व में आ चुका है। यह न केवल एक शैक्षणिक संस्थान है, बल्कि बाबा दिशोम गुरु शिबू सोरेन के सपनों को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस फ्लाइंग इंस्टीट्यूट में पहले चरण में 30 पायलट प्रशिक्षित किए जाएंगे, जिनमें से 15 का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। इससे झारखंड के युवाओं को देश-विदेश में पायलट और विमानन विशेषज्ञ के रूप में पहचान बनाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में राज्य सरकार ने हवाई जहाज से हजारों श्रमिकों को सुरक्षित घर पहुंचाया था और आज उन्हीं परिवारों के बच्चे पायलट बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, यह झारखंड की बदली हुई तस्वीर है।

मुख्यमंत्री ने ट्रेनिंग सेंटर में जाकर सिम्युलेटर, फ्लाइट ऑपरेशन सिस्टम, सुरक्षा मानकों और आपदा प्रबंधन तकनीक की जानकारी ली। उन्होंने प्रशिक्षुओं को उत्कृष्ट प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

हमारी सरकार जो कहती है, करके दिखाती है

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दे रही है। “मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना” के तहत हर वर्ष 25 छात्रों को विदेश भेजकर उनकी पढ़ाई का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाती है। यह युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है।

सरकार गांवों से चलती है, हेडक्वार्टर से नहीं

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण जनता है। “सेवा का अधिकार” कार्यक्रम के अंतर्गत अधिकारी अब गावों और पंचायत स्तर पर जाकर शिविर के माध्यम से पेंशन, प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और अन्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। निर्धारित समय पर कार्य नहीं करने वालों पर कार्रवाई होगी।

किसानों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध

सीएम ने बताया कि आज उन्होंने मसलिया–रानेश्वर मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना की प्रगति का निरीक्षण किया, जो 22 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाला समय झारखंड के कृषि क्षेत्र में नई क्रांति लाएगा। कार्यक्रम में सांसद नलिन सोरेन, विधायक बसंत सोरेन, प्रदीप यादव, लुईस मरांडी, आलोक सोरेन सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आमजन उपस्थित रहे।

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