फॉण्ट कनवर्टर NEW

Advertisement
Advertisement

युद्धविराम के बाद फिलिस्तीनियों की घर वापसी शुरू, संयुक्त राष्ट्र ने दी जानकारी

World News: गाज़ा में युद्धविराम लागू होते ही वहां के हालात धीरे-धीरे बदलने लगे हैं। संयुक्त राष्ट्र की मानवीय संस्था (OCHA) ने बताया है कि जैसे ही संघर्ष थमा, कुछ ही मिनटों में हजारों विस्थापित फिलिस्तीनी उत्तर की ओर लौटना शुरू कर चुके हैं। ओसीएचए

अपनी भाषा में पढ़ें

Advertisement

World News: गाज़ा में युद्धविराम लागू होते ही वहां के हालात धीरे-धीरे बदलने लगे हैं। संयुक्त राष्ट्र की मानवीय संस्था (OCHA) ने बताया है कि जैसे ही संघर्ष थमा, कुछ ही मिनटों में हजारों विस्थापित फिलिस्तीनी उत्तर की ओर लौटना शुरू कर चुके हैं।

ओसीएचए ने कहा कि शुक्रवार को जब बड़ी संख्या में लोग गाज़ा शहर की ओर लौटने लगे, तो इज़रायली टैंकों ने तटीय मार्ग अल राशिद रोड को अवरुद्ध कर दिया। कुछ लोगों ने बताया कि जब वे अपने घर पहुंचे, तो वहां पहले से ज्यादा नुकसान हुआ था।

संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि उसकी मानवीय साझेदार संस्थाएं अब राहत कार्यों को तेज़ी से बढ़ाने की तैयारी में हैं। दो साल से जारी इस युद्ध के बाद गाज़ा की सड़कों, इमारतों और बुनियादी ढांचे की मरम्मत सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।

ओसीएचए ने अपील की कि युद्धविराम का समर्थन करने वाले देश मानवीय राहत में किसी तरह की बाधा न आने दें। संस्था ने कहा कि संघर्ष के सभी पक्षों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जरूरतमंदों तक मदद बिना रुकावट पहुंचे।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र इजरायली अधिकारियों से बातचीत कर रहा है ताकि यह तय किया जा सके कि किन रास्तों से और कितनी सहायता भेजी जा सकती है।

उन्होंने कहा, “सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब बंदूकें खामोश हैं। इससे राहत कर्मियों के लिए काम करना थोड़ा सुरक्षित हुआ है। हम कोशिश कर रहे हैं कि जो सहायता सामग्री पहले से तैयार है, वह जल्द से जल्द गाज़ा पहुंचे।”

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार लगभग 1,70,000 मीट्रिक टन राहत सामग्री और जरूरी वस्तुएं भेजे जाने के लिए तैयार हैं। संस्था ने कहा कि राहत कार्यों को बड़े पैमाने पर चलाना जरूरी है ताकि हर जरूरतमंद तक मदद पहुंच सके और लोगों की पीड़ा कम हो।

गाज़ा में यह युद्धविराम न सिर्फ एक राहत भरा कदम है, बल्कि वहां के लोगों के लिए उम्मीद की नई शुरुआत भी माना जा रहा है।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram