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सीपी राधाकृष्णन बने भारत के 15वें उपराष्ट्रपति, पीएम मोदी और राष्ट्रपति ने दी बधाई

New Delhi/Ranchi : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और NDA उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने मंगलवार को हुए चुनाव में शानदार जीत दर्ज करते हुए भारत के 15वें उपराष्ट्रपति बनने का गौरव हासिल किया। संसद भवन परिसर में सुबह 10 बजे से शाम 5

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New Delhi/Ranchi : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और NDA उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने मंगलवार को हुए चुनाव में शानदार जीत दर्ज करते हुए भारत के 15वें उपराष्ट्रपति बनने का गौरव हासिल किया। संसद भवन परिसर में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान हुआ और इसके बाद मतगणना के परिणाम घोषित किए गए।

राज्यसभा महासचिव पीसी मोदी ने नतीजों की घोषणा करते हुए बताया कि चुनाव में कुल 781 वोट पड़े, जिनमें से 767 वैध पाए गए। NDA उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन को 452 वोट मिले, जबकि विपक्षी गठबंधन इंडी ब्लॉक के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट ही मिल सके। 15 वोट अमान्य घोषित हुए और एक सांसद ने पोस्टल बैलेट का इस्तेमाल किया। इस तरह राधाकृष्णन ने भारी मतों से जीत दर्ज की।

सीपी राधाकृष्णन की जीत के बाद संसद परिसर से लेकर उनके समर्थकों में जश्न का माहौल है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के घर पर भी विशेष उत्सव का आयोजन किया गया, जहां दक्षिण भारतीय कलाकारों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों पर प्रस्तुति दी। 

राधाकृष्णन का राजनीतिक सफर

चंद्रपुरम पोन्नुसामी (सीपी) राधाकृष्णन का जन्म तमिलनाडु के तिरुपुर में कोंगु वेल्लालर गौंडर समुदाय में हुआ। उन्होंने वी.ओ. चिदंबरम कॉलेज से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए) की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के साथ ही वे खेलों में भी सक्रिय रहे और कॉलेज स्तर पर टेबल टेनिस चैंपियन बने।

सिर्फ 17 वर्ष की आयु में उन्होंने भारतीय जनसंघ और आरएसएस से जुड़कर राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। 1974 में वे जनसंघ की राज्य कार्यकारी समिति के सदस्य चुने गए। इसके बाद उनका राजनीतिक सफर लगातार आगे बढ़ता गया। 1998 और 1999 में उन्होंने कोयंबटूर लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद में प्रवेश किया। 1998 की उनकी जीत इसलिए खास रही क्योंकि वे तमिलनाडु से भाजपा के तीन विजयी उम्मीदवारों में से एक थे।

उन्होंने भाजपा तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष के रूप में 2004 से 2007 तक काम किया और इसी दौरान 93 दिनों की ‘रथ यात्रा’ कर राज्य में सामाजिक व पर्यावरणीय मुद्दों को उठाया। 2004 में वे संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा भी बने। हाल के वर्षों में वे झारखंड और महाराष्ट्र के राज्यपाल रहे हैं। इसके साथ ही उन्हें तेलंगाना का राज्यपाल और पुडुचेरी का उपराज्यपाल भी नियुक्त किया गया।

नेताओं की शुभकामनाएं

सीपी राधाकृष्णन की जीत के बाद देशभर से बधाई संदेश आने शुरू हो गए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में उनका दशकों का अनुभव राष्ट्र के लिए बहुमूल्य होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके जीवन को समाज सेवा और गरीबों के उत्थान के प्रति समर्पित बताते हुए विश्वास जताया कि वे एक उत्कृष्ट उपराष्ट्रपति साबित होंगे।

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, बिहार के सीएम नीतीश कुमार समेत कई नेताओं ने उन्हें बधाई दी। विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी ने भी हार स्वीकार करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

उपराष्ट्रपति के रूप में सीपी राधाकृष्णन से उम्मीद है कि वे संसदीय परंपराओं को और मजबूत करेंगे तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में अहम भूमिका निभाएंगे।

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