बोकारो : जिले के कसमार प्रखंड के गट्टीगाढ़ा गांव में शुक्रवार की देर शाम तालाब में डूबे 70 वर्षीय महावीर महतो का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। घटना के बाद से ही एनडीआरएफ की टीम और स्थानीय गोताखोर उनकी तलाश में जुटे हैं। तालाब में लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन अभी तक उनका पता नहीं चल सका है।
गहरे पानी के कारण सर्च अभियान में आ रही परेशानी
जानकारी के अनुसार, तालाब में पानी अधिक होने के कारण महावीर महतो की तलाश में दिक्कत आ रही है। इसके बावजूद बचाव दल लगातार खोजबीन कर रहा है। घटना के बाद से परिजन और ग्रामीण परेशान हैं। गांव में किसी अनहोनी की आशंका को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है। हालांकि, अभी तक बुजुर्ग की मौत की पुष्टि नहीं हुई है।
जिले में पहले भी हो चुकी हैं डूबने की कई घटनाएं
बोकारो जिले में तालाब में डूबने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी अलग-अलग इलाकों में कई लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है।
अक्टूबर 2026 में नावाडीह के नारायणपुर गांव में मछली पकड़ने के दौरान पैर फिसलने से चोलेश्वर महतो की तालाब में डूबकर मौत हो गई थी। वहीं, जुलाई 2026 में चास मुफस्सिल के खमारबेंदी गांव में नहाने के दौरान रघु रजवार और उनके सात वर्षीय बेटे शिबू रजवार की जान चली गई थी।
जून 2026 में बोकारो थर्मल में तालाब में नहाते समय दीपक यादव की डूबने से मौत हो गई थी। इसके अलावा मई 2025 में चंदनकियारी के गमहरिया गांव में लता दास, उनकी दो बेटियों शिखा और तन्वी तथा शांति देवी की तालाब में डूबने से मौत हुई थी।
मई 2024 में पेटरवार के विशेश्वर धाम मंदिर परिसर स्थित तालाब में डूबने से तीन बच्चों तालिब हुसैन, आरिफ और विवेक कुमार महतो की जान चली गई थी।
इन घटनाओं के बाद तालाबों के आसपास सावधानी बरतने की जरूरत और बढ़ गई है। फिलहाल गट्टीगाढ़ा गांव में महावीर महतो की तलाश जारी है। एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोर उन्हें खोजने का प्रयास कर रहे हैं।




