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25 लाख टर्नओवर और सरकारी नौकरी वाले भी उठा रहे थे राशन? 66 हजार फर्जी राशन कार्ड धारक उजागर

Ramgarh News : रामगढ़ जिले में फर्जी तरीके से बने 66,316 राशन कार्डों पर जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। इसमें वो लोग शामिल हैं जो फोर व्हीलर चलाते हैं, जिनका सालाना टर्नओवर 25 लाख रुपये से ज्यादा है, सरकारी नौकरी में हैं

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Ramgarh News : रामगढ़ जिले में फर्जी तरीके से बने 66,316 राशन कार्डों पर जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। इसमें वो लोग शामिल हैं जो फोर व्हीलर चलाते हैं, जिनका सालाना टर्नओवर 25 लाख रुपये से ज्यादा है, सरकारी नौकरी में हैं या फिर जिनके नाम पर डुप्लीकेट राशन कार्ड बना है। अब ऐसे सभी लोगों के नाम ऑनलाइन राशन कार्ड की सूची से हटाए जाएंगे।

जिला आपूर्ति पदाधिकारी रंजीता टोपो ने बताया कि KYC प्रक्रिया के दौरान यह सब जानकारी उजागर हुई है। जैसे ही राशन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक किया गया, उससे जुड़े पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य दस्तावेज स्वत: सिस्टम में सामने आ गए। इस जांच में कई लोगों की सालाना आय छह लाख से अधिक पाई गई, वहीं कई के पास GST नंबर के अनुसार 25 लाख से ज्यादा का कारोबार था।

इतना ही नहीं, कुछ लोगों के नाम पर दो-दो राशन कार्ड, 100 साल से ऊपर की उम्र वाले नाम, सरकारी कर्मचारी और यहां तक कि मृत व्यक्तियों के नाम पर भी राशन उठाया जा रहा था। कुछ ऐसे लोग भी हैं जो PM किसान योजना का लाभ ले रहे हैं और फिर भी उनके पास राशन कार्ड है, जबकि यह योजना भी आर्थिक रूप से मजबूत लोगों के लिए है।

जिले में सबसे ज्यादा फर्जी कार्ड गोला (17002), मांडू (15552) और पतरातू (13967) प्रखंड में पाए गए हैं। इन तीनों क्षेत्रों को अब जिला आपूर्ति कार्यालय का सिरदर्द माना जा रहा है क्योंकि यहां मृत लोगों के नाम पर राशन उठाने के मामले बहुत अधिक हैं।

उदाहरण के लिए:

  • गोला में 1019 मृत व्यक्तियों के नाम पर राशन उठ रहा है।
  • मांडू में यह संख्या 1725 है।
  • पतरातू में 1396 ऐसे नाम सामने आए हैं।

इनके अलावा, ऐसे भी लोग सूची में हैं जिनकी उम्र 100 साल से ऊपर है:

  • गोला में 64,
  • मांडू में 66,
  • पतरातू में 36,
  • दुलमी में 31,
  • रामगढ़ में 18,
  • चितरपुर में 12,
  • और छावनी परिषद क्षेत्र में 20 लोग शामिल हैं।

इन आंकड़ों को देखकर प्रशासन सकते में है और अब PDS डीलर और पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से घर-घर जाकर सर्वे कराया जा रहा है। जैसे ही किसी का सत्यापन फर्जी पाया जाएगा, उसका नाम तुरंत राशन सूची से हटा दिया जाएगा।

प्रशासन की यह कार्रवाई राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और ईमानदारी लाने के उद्देश्य से की जा रही है, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को उनका हक मिल सके।

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