रांची: राजधानी के अनगड़ा थाना क्षेत्र में दहशत फैलाने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। गेतलसूद स्थित सरकारी शराब दुकान पर अंधाधुंध फायरिंग कर कर्मचारियों की जान लेने की कोशिश करने वाले तीन शातिर अपराधियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ है।

क्या थी घटना?

घटना बीते 3 मार्च की रात करीब 9:30 बजे की है। गेतलसूद बाजार स्थित शराब दुकान पर तीन अपराधी पल्सर मोटरसाइकिल से पहुंचे। उन्होंने दुकान के स्टाफ को धमकाते हुए मुफ्त में शराब की बोतलें मांगी। जब कर्मचारियों ने शराब देने से मना किया, तो अपराधी गाली-गलौज पर उतर आए और जान से मारने की नियत से फायरिंग शुरू कर दी। दुकान के कर्मचारियों ने काउंटर के पीछे छिपकर बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाई।

घेराबंदी कर दबोचे गए अपराधी

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर सिल्ली डीएसपी अनुज उराँव के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर शुक्रवार (6 मार्च) की सुबह जोन्हा स्थित एक मुर्गी फार्म के पास छापेमारी की। पुलिस को देखते ही अपराधियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर देव सिंह मुंडा, गौतम यादव उर्फ गोल्डन और भोलू सोनी को दबोच लिया।

बरामदगी और अपराधिक इतिहास

पुलिस ने अपराधियों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:

  • हथियार: एक देशी रिवाल्वर और एक देशी कट्टा।

  • कारतूस: 19 जिंदा कारतूस।

  • अन्य: एक पल्सर मोटरसाइकिल और 4 मोबाइल फोन।

पकड़े गए अपराधियों का रिकॉर्ड बेहद डरावना है। मुख्य आरोपी देव सिंह मुंडा पर हत्या के प्रयास, अपहरण और रंगदारी के करीब 9 मामले दर्ज हैं। वहीं गौतम यादव उर्फ गोल्डन पर रांची और लातेहार के विभिन्न थानों में हत्या और लूट के 12 मामले चल रहे हैं। भोलू सोनी भी लूट और आर्म्स एक्ट के मामलों में संलिप्त रहा है।

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