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बोकारो में चुआड़ विद्रोह के नायक रघुनाथ महतो की मनी 288वीं जयंती

Bokaro: चंदनकियारी प्रखंड के सितानाला स्थित रघुनाथ महतो पथ के समीप शनिवार को चुआड़ विद्रोह के महानायक पुरखा शहीद रघुनाथ महतो की 288वीं जन्म जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया गया।

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Bokaro: चंदनकियारी प्रखंड के सितानाला स्थित रघुनाथ महतो पथ के समीप शनिवार को चुआड़ विद्रोह के महानायक पुरखा शहीद रघुनाथ महतो की 288वीं जन्म जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन रघुनाथ महतो स्मारक समिति की ओर से किया गया, जिसकी अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष उत्तम कुमार महतो ने की, जबकि संचालन फटीक कुमार हिंदआर ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और अपने महानायक को नमन किया।

इस मौके पर उत्तम कुमार महतो ने कहा कि रघुनाथ महतो ने ईस्ट इंडिया कंपनी की दमनकारी नीतियों के खिलाफ देश में सबसे पहले आवाज उठाई थी। वे देश के पहले शहीदों में से एक माने जाते हैं। उनके विचारों और संघर्ष को आज की पीढ़ी तक पहुंचाना बेहद जरूरी है।

वहीं किसान नेता और समिति के संरक्षक जगन्नाथ रजवार ने उनके संघर्षों को याद करते हुए बताया कि ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ आंदोलन के दौरान रघुनाथ महतो ने झरिया के राजा को पराजित किया था। इसके बाद 25 जुलाई 1774 को चंदनकियारी के दामोदर नदी किनारे पांच हजार से अधिक लोगों की एक बड़ी सभा आयोजित की थी।

उन्होंने बताया कि उस सभा में ‘आपन गांव आपन राज, भागाओ परदेशिया राज’ का नारा दिया गया था, जो आज भी लोगों को प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि रघुनाथ महतो के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और उन्हें अपनाने की जरूरत है।

कार्यक्रम में जेएलकेएम नेता सिमंत रजक, पंचायत समिति सदस्य भरत चंद्र माहथा, पूर्व मुखिया अजय महतो, गिरिधारी महतो, गोविंद महतो, जन्मेंजय महतो, धनेश्वर महतो, संदीप माहथा, रामकिशन महतो, मिलु महतो, सपन महतो, युधिष्ठिर महतो और विकास महतो समेत कई लोग मौजूद रहे।

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