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पटना में 11वें आयुर्वेद दिवस का भव्य आयोजन, स्वास्थ्य मंत्री ने किया उद्घाटन

पटना के ज्ञान भवन में बुधवार को 11वें आयुर्वेद दिवस 2026 के अवसर पर राज्यस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने किया। इस दौरान आयुर्वेद को आधुनिक तकनीक, शोध और वैज्ञानिक प्रमाणों से जोड़कर आम लोगों तक पहुंचाने पर

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पटना। पटना के ज्ञान भवन में बुधवार को 11वें आयुर्वेद दिवस 2026 के अवसर पर राज्यस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने किया। इस दौरान आयुर्वेद को आधुनिक तकनीक, शोध और वैज्ञानिक प्रमाणों से जोड़कर आम लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम में आयुर्वेद पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई। इसमें राजकीय आयुर्वेद कॉलेज, कदमकुआं के इतिहास और आयुर्वेद की उपयोगिता को बताया गया। साथ ही आयुर्वेद को आधुनिक शोध और नई तकनीकों से जोड़ने की जरूरत पर प्रकाश डाला गया।

स्वास्थ्य मंत्री ने आयुर्वेद के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाओं के लिए कई चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन चिकित्सा परंपरा है, जो बीमारी के इलाज के साथ स्वस्थ जीवनशैली पर भी जोर देती है। बिहार का आयुर्वेद से पुराना संबंध रहा है और महर्षि चरक, जीवक तथा आचार्य नागार्जुन की परंपरा इसका हिस्सा रही है।

उन्होंने कहा कि बिहार सरकार आयुर्वेद और आयुष क्षेत्र को मजबूत करने के लिए काम कर रही है। राज्य में 294 आयुष आरोग्य मंदिर और आयुष अस्पताल विकसित किए जा रहे हैं। पुराने और जर्जर अस्पतालों का भी जीर्णोद्धार किया जाएगा।

राजकीय आयुर्वेद कॉलेज, पटना के इंफ्रास्ट्रक्चर, रिसर्च लैब, अस्पताल और आईपीडी सुविधाओं को आधुनिक बनाया जाएगा। अस्पतालों में आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने की भी योजना है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि आयुर्वेदिक दवाओं को Essential Drug List में शामिल करने की दिशा में काम किया जा रहा है, ताकि चिकित्सक इन्हें लिख सकें और मरीजों को दवाएं मुफ्त मिल सकें। मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में आयुर्वेद के लिए अलग विंग विकसित करने की योजना भी है।

उन्होंने आयुर्वेद के डिजिटलीकरण, मरीजों के डिजिटल रिकॉर्ड, शोध और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद की सुविधाएं शहरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि गांवों और गरीब परिवारों तक भी पहुंचनी चाहिए।

स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि ने कहा कि संतुलन आयुर्वेद का मूल मंत्र है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में शरीर और मन के साथ-साथ मनुष्य और प्रकृति के संतुलन को भी महत्व दिया जाता है। आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था में भी निवारक स्वास्थ्य पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने आयुष और आधुनिक चिकित्सा को प्रमाण आधारित शोध से जोड़ने की आवश्यकता बताई।

कार्यक्रम से पहले स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी की आधुनिक रक्तदान वैन का निरीक्षण किया। इसके बाद राजकीय आयुर्वेद कॉलेज की प्रदर्शनी का जायजा लिया। प्रदर्शनी में औषधीय पौधों, आयुर्वेद चिकित्सा परामर्श और औषधि वितरण से संबंधित स्टॉल लगाए गए थे।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग और राज्य स्वास्थ्य समिति के अधिकारियों के अलावा आयुर्वेद के चिकित्सक, शिक्षक, शोधकर्ता, स्वास्थ्यकर्मी और मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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