Social News: ऑस्ट्रिया से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने सबको हैरान कर दिया। यहां 35 साल की डोरिस ग्रुनवाल्ड नाम की महिला जब रक्तदान करने गई, तो रिपोर्ट देखकर उसकी ज़िंदगी ही बदल गई।
रक्तदान ने उजागर कर दिया महिला की असली पहचान?
दरअसल, साल 2012 में डोरिस ने रूटीन हेल्थ चेकअप के दौरान ब्लड डोनेट किया। जब रिपोर्ट आई तो पता चला कि उसका ब्लड ग्रुप न तो उसकी मां से मेल खा रहा था और न ही उसके पिता से। शुरू में उसे लगा कि शायद कोई गलती हुई है, लेकिन बार-बार जांच के बाद सच्चाई सामने आई – जिन लोगों को वह अब तक अपने माता-पिता मानती थी, वे उसके असली माता-पिता नहीं थे।
इस खबर ने डोरिस को झकझोर दिया। उसने असली माता-पिता को खोजने का फैसला किया। चार साल की कोशिशों के बाद, 2016 में आखिरकार सच्चाई सामने आई। एक डॉक्टर ने बताया कि 1990 में डोरिस के जन्म के समय अस्पताल में एक और बच्ची, जेसिका बॉमगार्टनर भी पैदा हुई थी। लेकिन अस्पताल की गलती से दोनों बच्चियों की अदला-बदली हो गई।
यानी डोरिस को जेसिका के माता-पिता को सौंप दिया गया और जेसिका को डोरिस के माता-पिता को। दोनों परिवारों को इस गलती के बारे में कुछ भी पता नहीं था।
वहीं, कुछ साल बाद जब जेसिका बॉमगार्टनर प्रेग्नेंट हुईं, तो जांच में पता चला कि उनका ब्लड ग्रुप भी उनके माता-पिता से मेल नहीं खाता। उन्होंने इस मामले की जांच शुरू की और सोशल मीडिया पर डोरिस से संपर्क किया। दोनों की पहली मुलाकात भावुक रही। जेसिका ने कहा, “यह किसी बहन से मिलने जैसा अहसास था। हम तुरंत घुल-मिल गईं।”
इसके बाद दोनों परिवार मिले और उन्होंने कहा कि दोनों बच्चियां हमारी हैं और हमेशा रहेंगी। अस्पताल ने अपनी गलती मानते हुए दोनों परिवारों से माफी मांगी।
डोरिस का कहना है कि भले ही यह झटका बहुत बड़ा था, लेकिन अब उसे अपने असली परिवार और अपनी पहचान दोनों मिल गई हैं।



