New Delhi: इस समय पूरा देश भीषण गर्मी और जानलेवा लू (हीटवेव) की चपेट में है। आसमान से बरसती आग, असहनीय उमस और तेज तपिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह बेहाल कर दिया है। देश के कई राज्यों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के रिकॉर्ड स्तर को पार कर चुका है, जिससे रोजमर्रा के कामों पर गहरा असर पड़ रहा है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारें लगातार हेल्थ एडवाइजरी जारी कर रही हैं। इसी बीच, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी मोर्चा संभालते हुए गर्मी से पैदा होने वाली बीमारियों, उनके शुरुआती लक्षणों और उनसे बचने के बेहद जरूरी उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की है।

Read more: खतरनाक ‘हीट डोम’ की चपेट में भारत: भट्टी की तरह तप रहा आसमान, हफ्तों तक नहीं मिलेगी राहत

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, डब्ल्यूएचओ ने आम जनता को सलाह दी है कि वे धूप और लू के कारण होने वाली शारीरिक दिक्कतों को लेकर बिल्कुल भी लापरवाही न बरतें। अगर हीटवेव के दौरान आपकी तबीयत थोड़ी भी नासाज होती है, तो तुरंत सचेत हो जाएं। संगठन ने कुछ ऐसे मुख्य लक्षणों की ओर इशारा किया है, जो शरीर में अत्यधिक गर्मी बढ़ने और पानी की गंभीर कमी (डिहाइड्रेशन) का संकेत होते हैं। इनमें अचानक चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी और थकान महसूस होना, घबराहट या बेचैनी होना, बार-बार तेज प्यास लगना और सिर दर्द के साथ-साथ पेट में मरोड़ या दर्द होना शामिल हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से ही किसी बीमारी से जूझ रहे मरीजों को इस मौसम में बहुत ज्यादा संभलकर रहने की जरूरत है।

इन खतरों को देखते हुए डब्ल्यूएचओ ने बेहद आसान और जीवन रक्षक उपाय सुझाए हैं। अगर आपको ऊपर बताए गए लक्षणों में से कोई भी तकलीफ महसूस हो, तो बिना देर किए तुरंत किसी ठंडी और छायादार जगह पर आराम करने चले जाएं। शरीर में पानी का लेवल बनाए रखने के लिए प्यास न लगने पर भी बार-बार पानी पीते रहें। ओआरएस (ORS) या नींबू पानी का सेवन भी मददगार साबित हो सकता है।

इसके अलावा, जब भी अनिवार्य काम से घर से बाहर निकलना हो, तो हमेशा हल्के रंग के, ढीले-ढाले कपड़े ही पहनें। इस मौसम में सूती (कॉटन) कपड़े पहनना सबसे ज्यादा फायदेमंद रहता है। धूप की सीधी मार से बचने के लिए अपने सिर को टोपी, छतरी या सूती कपड़े से अच्छी तरह ढककर रखें। जितना संभव हो सके, दोपहर के सबसे गर्म समय यानी 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे के बीच बेवजह बाहर निकलने से बचें। सरकार भी नागरिकों से लगातार अपील कर रही है कि वे खुद को और अपने परिवार को इस जानलेवा मौसम से सुरक्षित रखें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, सही समय पर बरती गई थोड़ी सी सावधानी आपको हीट स्ट्रोक (लू लगना) जैसी घातक स्थितियों से पूरी तरह बचा सकती है।

Read more: इस सप्ताह भीषण गर्मी और चलेगी हीटवेव, दक्षिण भारत में सक्रिय होगा मॉनसून

Share.
Exit mobile version