Jharkhand News (Public Adda): झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कानूनी लड़ाई एक बार फिर सुर्खियों में है। झारखंड अगेंस्ट करप्शन के संस्थापक और केंद्रीय अध्यक्ष दुर्गा उरांव ने पूर्व मंत्री एनोस एक्का को दोषी ठहराए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह फैसला देर से आया जरूर है, लेकिन न्याय हुआ है।
दुर्गा उरांव ने कहा कि अगर कोई मंत्री, अधिकारी या पदाधिकारी जनता को लूटता है तो वे उसके खिलाफ खड़े रहने से कभी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने दावा किया कि अब तक वह 53 जनहित याचिकाएं (PIL) दाखिल कर चुके हैं और इनमें से कई मामलों का ट्रायल चल रहा है। उनका कहना है कि जल्द ही झारखंड के और बड़े-बड़े भ्रष्ट चेहरे जनता के सामने आएंगे और जेल की सलाखों के पीछे पहुंचेंगे।
उन्होंने बताया कि लातेहार कोल फील्ड में फर्जी नौकरी घोटाले से जुड़ी उनकी दाखिल याचिका पर फिलहाल सीआईडी जांच चल रही है। दुर्गा उरांव ने याद दिलाया कि वर्ष 2008 में उन्होंने एनोस एक्का द्वारा ओरमांझी क्षेत्र में आदिवासी जमीन की अवैध खरीद के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की थी, जिसका परिणाम आज देखने को मिला।
उन्होंने झारखंड गठन के बाद की सरकारों पर भी निशाना साधा। उनका कहना है कि मधु कोड़ा सरकार के दौरान भ्रष्टाचार अपने चरम पर था और पूरा मंत्रिमंडल घोटालों में लिप्त था। उरांव ने कहा कि पूजा सिंघल और विनय कुमार चौबे जैसे अफसरों का जेल जाना इस राज्य की बड़ी विडंबना है।



