Koderama News; झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार राजकीय पॉलिटेक्निक कोडरमा, गोहाल में निषिद्ध मादक पदार्थों के विरुद्ध संचालित राजव्यापी नशा मुक्ति जागरूकता अभियान के अंतर्गत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में संस्थान में मादक पदार्थों की रोकथाम एवं नशा मुक्ति विषय पर एक विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के प्राचार्य राजेश कुमार के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। प्राचार्य के सराहनीय प्रयासों एवं पहल पर कोडरमा सदर अस्पताल एवं स्वास्थ्य विभाग की विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम संस्थान पहुंची, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. शिल्पी शर्मा, डॉ. सिद्धांत ओहदार तथा डॉ. दीपेश कुमार (नेशनल टोबैको कंट्रोल प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर) शामिल थे। चिकित्सकों की टीम ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों, मानसिक स्वास्थ्य तथा नशा मुक्ति के उपायों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य राजेश कुमार ने स्वास्थ्य विभाग से आए चिकित्सकों का स्वागत एवं आभार व्यक्त करते हुए कहा कि
युवा हमारे राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं। नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार और भविष्य को बर्बाद कर देता है। विद्यार्थियों को अपने जीवन में अनुशासन, सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर नशे से दूर रहना चाहिए। संस्थान केवल तकनीकी शिक्षा ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और सामाजिक जागरूकता के लिए भी प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. शिल्पी शर्मा ने पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे की लत, तनाव (Stress), मानसिक स्वास्थ्य एवं उसके दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि
“अधिकांश युवा तनाव, गलत संगति या जिज्ञासा के कारण नशे की ओर बढ़ते हैं, लेकिन नशा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। मानसिक रूप से मजबूत रहना, सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेना तथा समय पर उचित परामर्श प्राप्त करना नशे से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।”
वहीं, डॉ. दीपेश कुमार ने तंबाकू एवं अन्य मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए नशे की गिरफ्त में आए युवाओं के जीवन पर आधारित एक प्रेरणादायक फिल्म का प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि
“तंबाकू और मादक पदार्थों का सेवन धीरे-धीरे व्यक्ति की शारीरिक, मानसिक और आर्थिक स्थिति को कमजोर कर देता है। यदि युवा वर्ग नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल एवं रचनात्मक गतिविधियों पर ध्यान दे, तो वह अपने जीवन के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
कार्यक्रम में व्याख्याता सोहन टोपो व्याख्याता सह एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट संतोष कुमार, व्याख्याता डॉक्टर भूपेंद्र कुमार व्याख्याता अखिलेश कुमार, व्याख्याता मनोरंजन कुमार, व्याख्याता संजय कुमार, प्रधान सहायक रामसहाय यादव, सहायक आदित्य भगत, लाइब्रेरियन सविता कुमारी, पूजा कुमारी, ज्योति कुमारी, अभय कुमार, वार्डन रीता शर्मा, केयरटेकर ललिता कुमारी, कर्मचारी पंकज यादव, विक्की यादव, चंदन पासवान, महादेव, मनोज सिंह सहित संस्थान के सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु संकल्प लिया। कार्यशाला ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
