Koderama News:  राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जानकी यादव ने गुरुवार को डीवीसी केटीपीएस प्लांट के विस्थापित प्रभावित गांवों डहुआटोल, गांधीनगर,करियावां,खेडोबर,का दौरा कर वहां के विस्थापित प्रभावित ग्रामीणों कि समस्याओं को सुना । गांधीनगर के ग्रामीणों ने बताया कि सरकार नियमानुसार एशपौंड निर्माण किसी भी आबादी वाले गांवों से एक से दो किलोमीटर दूरी पर होना चाहिए था । किंतु गांधी नगर से महज सौ मीटर पर ही एशपौंड का निर्माण किया गया है ।

जिससे एशपौंड से उड़ने वाले राख (डस्ट) से हमलोगों का जीना मुहाल कर हो गया है। यही नहीं ओभर लोड ट्रक में एश की ढुलाई करने से गांधीनगर से लेकर पूरे सड़कों में डस्ट उड़ते जाने से पूरा क्षेत्र प्रदूषित हो जाता है और यह वाहन जिला मुख्यालय से होकर गुजरते हैं जहां बिना डर भय के वाहन चालक एश को बिना ढंके हीं एश का ढुलाई करते हैं। वहीं करियावां के ग्रामीणों ने पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष को अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए बताया कि हम सभी ग्रामीणों को आज तक प्लांट में रोजगार नहीं मिला है। जबकि हमलोगों की तीन तिहाई जमीन प्लांट में चला गया है।

उसके बावजूद भी हमारे गांव को विस्थापित प्रभावित सूची में शामिल नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया की डीवीसी प्रबंधन ने विस्थापित प्रभावित गांव में मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं किया है। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जानकी यादव ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते कहा कि राज्य सरकार के गाइडलाइन के अनुसार डीवीसी प्रबंधन को काम करना होगा । ग्रामीणों की समस्याओं को नजर अंदाज कर प्रबंधन कोई कार्य नहीं करेंगे । प्रबंधन कोई भी कार्य ग्रामीणों के साथ तालमेल बनाकर करें। मौके पर डीवीसी के एच ओपी संजय कुमार झामुमो प्रखंड अध्यक्ष अशोक सिंह ग्रामीण मनोज पासवान रामेश्वर पंडित मिथिलेश राणा बलराम राणा सुरेंद्र यादव उप मुखिया ममता देवी सकलदेव यादव जसवंत राणा समेत कई लोग मौजूद थे।।

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