रांची: झारखंड में सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा (विज्ञापन संख्या 13/2023) के भविष्य का इंतजार कर रहे हजारों अभ्यर्थियों के लिए झारखंड उच्च न्यायालय से एक बड़ी और राहत भरी खबर आई है। मंगलवार को अदालत ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) को कड़ी हिदायत देते हुए आदेश दिया है कि परीक्षा में शामिल सभी अभ्यर्थियों के प्राप्तांक (Marks) और विभिन्न श्रेणियों के कट-ऑफ अंक तुरंत सार्वजनिक किए जाएं।
भ्रम की स्थिति पर कोर्ट का प्रहार
न्यायमूर्ति आनंदा सेन की अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जेएसएससी को निर्देश दिया कि वह एक सप्ताह के भीतर अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर डेटा अपलोड करे। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता सबसे अनिवार्य तत्व है और अभ्यर्थियों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि वे प्रतियोगिता में कहां खड़े हैं।
क्यों उठानी पड़ी याचिकाकर्ता को आवाज
यह पूरा मामला राम प्रसाद नामक एक अभ्यर्थी की याचिका से शुरू हुआ। याचिकाकर्ता की दलील ने चयन प्रक्रिया की खामियों को उजागर कर दिया। उन्होंने अदालत को बताया कि:
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उनका दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) काफी समय पहले ही पूरा हो चुका है।
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इसके बावजूद, आयोग ने अब तक न तो अंतिम परिणाम घोषित किया है और न ही अंकों का विवरण साझा किया है।
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अभ्यर्थियों को यह भी नहीं पता कि किस श्रेणी (Category) के लिए चयन का आधार यानी कट-ऑफ क्या रखा गया है।
अभ्यर्थी की ओर से दलील दी गई कि जानकारी छिपाने से चयन प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं और युवाओं के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
आयोग को एक हफ्ते का अल्टीमेटम
सुनवाई के दौरान जेएसएससी के वकीलों ने आयोग का पक्ष रखा, लेकिन अदालत ने पारदर्शिता की दलील को सर्वोपरि माना। अब आयोग के पास केवल सात दिनों का समय है जिसमें उसे वेबसाइट पर पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करना होगा। इस आदेश के बाद उन अभ्यर्थियों में उम्मीद जगी है जो लंबे समय से परिणाम के इंतजार में मानसिक तनाव झेल रहे थे।



