Varanasi: उत्तर प्रदेश के वाराणसी समेत पूरे पूर्वांचल के जिलों में सक्रिय अपराधियों को अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले एक बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। वाराणसी की चोलापुर पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की संयुक्त टीम ने इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए गिरोह के सात शातिर सदस्यों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन बदमाशों के पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार, जिंदा कारतूस, चोरी की बाइक और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मंगलवार को इन सभी गिरफ्तार असलहा तस्करों को पुलिस लाइन सभागार में मीडिया के सामने पेश किया गया।

‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत चेकिंग में मिली बड़ी कामयाबी

मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार ने बताया कि जिले में अपराधियों और अवैध गतिविधियों के खिलाफ ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ चलाया जा रहा है। इसी के तहत मंगलवार को चोलापुर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम धरसौना तिराहे पर संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की सघन चेकिंग अभियान में जुटी हुई थी। इसी दौरान मुखबिर से एक पुख्ता सूचना मिली कि सात शातिर असलहा तस्कर कटारी ब्लॉक के ठीक पीछे बने अंडरपास के पास किसी बड़ी डील के इरादे से मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए त्वरित कार्रवाई की और मौके पर घेराबंदी कर सातों तस्करों को दबोच लिया।

बदमाशों के पास से बरामद हुआ हथियारों का जखीरा

गिरफ्तार किए गए तस्करों की जब मौके पर अमली तलाशी ली गई, तो उनके पास से खतरनाक हथियारों का जखीरा बरामद हुआ। पुलिस ने इनके पास से एक .32 बोर की रिवाल्वर (06 जिंदा कारतूस के साथ), एक पिस्टल (02 कारतूस के साथ), एक देशी तमंचा 315 बोर (तीन जिंदा कारतूस के साथ) और एक 9 एमएम की घातक पिस्टल (दो जिंदा कारतूस के साथ) बरामद की। इसके अलावा तस्करों के पास से एक चोरी की मोटरसाइकिल और विभिन्न नामी कंपनियों के 06 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

गिरफ्तार किए गए बदमाशों की पहचान अखिलेश उर्फ मोनू राजभर (27 वर्ष, निवासी रैचनपुर), अरुण राजभर (21 वर्ष, निवासी अटेसुआ), हिमांशू कुमार उर्फ सनी (28 वर्ष, निवासी धौरहरा), आभाष सिंह (23 वर्ष, निवासी शिवरामपुर), विशाल सिंह (19 वर्ष, निवासी नेहियाँ), अनिकेत चौहान (20 वर्ष, निवासी गोसाईंपुर मोहांव) और नमन मिश्रा उर्फ अस्तीशू (25 वर्ष, निवासी गुरवट) के रूप में हुई है। यह सभी आरोपी चोलापुर और चौबेपुर क्षेत्र के रहने वाले हैं।

सोशल मीडिया के जरिए फैलाया था तस्करी का नेटवर्क

डीसीपी वरुणा ने बताया कि कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपियों ने कुबूल किया कि वे शौक और रसूख के लिए अपने पास अवैध पिस्टल, तमंचा और कारतूस रखते हैं। इन असलहों के दम पर वे राहगीरों को डरा-धमका कर लूटपाट, चोरी और छिनैती जैसी वारदातों को अंजाम देते थे। बदमाशों ने यह भी माना कि जब उन्हें अच्छे पैसे मिलते थे, तो वे इन हथियारों को राह चलते अपराधियों को भी बेच दिया करते थे। मंगलवार को भी वे सभी कटारी ब्लॉक के पास अवैध हथियार बेचने की फिराक में ही इकट्ठा हुए थे।

बदमाशों ने पुलिस के सामने यह चौंकाने वाला खुलासा भी किया कि उन्होंने सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स के जरिए अपने इस अवैध नेटवर्क को खड़ा किया था और वे वहीं से ग्राहकों से संपर्क करते थे। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए सभी आरोपियों पर पहले से ही कई थानों में गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। अब इन सभी के खिलाफ नए सिरे से आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जेल भेजा जा रहा है। पुलिस अब इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य सफेदपोशों और अपराधियों की तलाश में जुट गई है।

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