Supaul, (Bihar): पार्श्व गायक उदित नारायण झा एक बार फिर कानूनी पचड़े में फंसते नजर आ रहे हैं। खुद को उनकी पहली पत्नी बताने वाली रंजना नारायण झा ने सुपौल महिला थाना में उदित नारायण, उनके दो भाइयों और दूसरी पत्नी के खिलाफ आपराधिक साजिश का मामला दर्ज कराया है। 61 वर्षीय रंजना का आरोप है कि उन्हें अंधेरे में रखकर और धोखाधड़ी से उनका गर्भाशय (Hysterectomy) निकलवा दिया गया ताकि वे कभी मां न बन सकें।

1996 की वो ‘खौफनाक’ घटना

रंजना झा ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि साल 1996 में उन्हें इलाज के बहाने दिल्ली के एक बड़े अस्पताल ले जाया गया था। वहां उन्हें बिना बताए और बिना उनकी सहमति के ऑपरेशन कर उनका गर्भाशय निकाल दिया गया। रंजना के मुताबिक, उन्हें इस बात का पता कई सालों बाद तब चला जब वे किसी अन्य बीमारी के लिए डॉक्टर के पास पहुंचीं। उन्होंने इसे एक सोची-समझी साजिश बताया है ताकि उदित नारायण का वंश उनके जरिए आगे न बढ़ सके।

करियर के लिए मुंबई गए और फिर…

रंजना के अनुसार, उनका विवाह 7 दिसंबर 1984 को पूरे रीति-रिवाज के साथ उदित नारायण से हुआ था। शादी के बाद उदित करियर बनाने मुंबई चले गए और फिर दूरियां बढ़ती गईं। रंजना का आरोप है कि उदित ने उन्हें बताए बिना दूसरी शादी कर ली। जब उन्होंने अपने हक के लिए मुंबई स्थित घर जाने की कोशिश की, तो उन्हें अपमानित कर बाहर निकाल दिया गया। नेपाल स्थित ससुराल में भी उन्हें शरण नहीं मिली, जिसके बाद वे अपने मायके में रहने को मजबूर हैं।

आर्थिक तंगी और बीमारी की मार

वर्तमान में रंजना झा न केवल स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही हैं, बल्कि वे भारी आर्थिक संकट का भी सामना कर रही हैं। उनका कहना है कि लंबे समय तक उन्हें सिर्फ झूठे आश्वासन दिए गए, लेकिन अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है। सुपौल महिला थाना ने आवेदन स्वीकार कर लिया है और पुलिस अब 1990 के दशक के अस्पताल रिकॉर्ड्स और गवाहों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाएगी।

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यह विवाद पहले भी महिला आयोग तक पहुंच चुका है, लेकिन ‘अंग निकालने’ के इस नए और सनसनीखेज आरोप ने मामले को बेहद गंभीर बना दिया है। फिलहाल उदित नारायण या उनके परिवार की ओर से इन आरोपों पर कोई बयान सामने नहीं आया है।

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