चैनपुर प्रखंड सभागार में दो दिनों तक चले एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में यानी पेशा कानून के प्रावधानों पर गहन चर्चा की गई। इस प्रशिक्षण चैनपुर मुखिया शोभा देवी एवं ट्रेनरों द्वारा का मुख्य उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को उनके अधिकारों और ज़िम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना था।यह कार्यक्रम 10 पंचायतों के मुखिया, वार्ड सदस्यों, पंचायत समिति सदस्यों और अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए आयोजित किया गया था। इस दौरान, प्रतिभागियों को पेशा कानून के तहत ग्राम सभा के महत्व, उसके अधिकार, और स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने में उनकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।प्रशिक्षकों ने बताया कि पेशा कानून किस तरह अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले समुदायों को जल, जंगल, और ज़मीन पर अधिक अधिकार देता है। उन्होंने ग्राम सभा को एक सशक्त मंच के रूप में स्थापित करने के तरीकों पर भी प्रकाश डाला, जो स्थानीय स्तर पर विकास योजनाओं को बनाने और लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।प्रशिक्षण में शामिल हुए जनप्रतिनिधियों ने इस पहल की सराहना की और कहा कि इस तरह के कार्यक्रम उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतर ढंग से काम करने में मदद करेंगे। उन्होंने पेशा कानून के प्रावधानों को ज़मीनी स्तर पर लागू करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।यह प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थानीय प्रशासन द्वारा आयोजित किया गया था, जिसका मकसद पंचायती राज व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।



