Jamshedpur News: जमशेदपुर के एमजीएम थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-33 का चौड़ीकरण काम चल रहा था। रोज़ की तरह मजदूर लोहे की भारी प्लेटें फिट कर रहे थे, तभी साइट पर कुछ ऐसा हुआ जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी। पंजाब के रहने वाले प्रताप सिंह की अचानक मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।

कॉल नहीं उठा… फिर आया मारपीट की खबर

साइट फोरमैन रंजीत सिंह ने बताया कि उन्हें फोन पर जानकारी दी गई कि एक प्लेट लग चुकी है और दूसरी की तैयारी चल रही है। उन्होंने मजदूरों को सावधानी से काम करने की हिदायत दी। लेकिन थोड़ी देर बाद जब उन्होंने दोबारा संपर्क करना चाहा, तो किसी ने कॉल नहीं उठाया। कुछ देर बाद फोन वापस आया—और दूसरी तरफ से आवाज आई, “प्रताप के साथ लड़ाई हो गई है… उसे अस्पताल ले जा रहे हैं।” फोरमैन समझ नहीं पाए कि अचानक क्या हो गया।

अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

प्रताप सिंह को गंभीर हालत में एमजीएम अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि वह पहले ही दम तोड़ चुके थे। शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखा गया और तीन दिनों तक किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। मंगलवार को जब उसके परिजन पंजाब से पहुंचे, तब यह मामला पूरी तरह सामने आया।

साथी मजदूरों पर हत्या का आरोप

पुलिस ने प्रताप के साथ काम करने वाले तीन मजदूर—जसकरण सिंह, विशाल और अर्षप्रीत सिंह—को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि तीनों ने प्रताप के साथ मारपीट की, जिसकी वजह से उसकी मौत हुई। लेकिन असली कहानी अभी भी साफ नहीं है। क्या यह आपसी झगड़ा था? या कोई पुराना विवाद? या फिर किसी तरह की लापरवाही से मौत हुई? पुलिस इस समय सभी पक्षों से पूछताछ कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयान ही इस मामले को असल दिशा देंगे।

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