Washington: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की युद्ध रणनीति पर अपनी गहरी नाराजगी जताई है। ट्रंप ने बेहद कड़े शब्दों में साफ कहा है कि हिज्बुल्लाह से निपटने में इजरायल से कहीं बेहतर काम सीरिया कर सकता है। उनका मानना है कि लेबनान में इजरायल की लगातार जारी सैन्य कार्रवाई ने ईरान के साथ चल रही बेहद महत्वपूर्ण शांति वार्ता को पटरी से उतार दिया था। ट्रंप का यह तीखा बयान जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान कतर के अमीर से हुई मुलाकात में सामने आया है, जिसने पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है।
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सीरिया को हिज्बुल्लाह के खिलाफ आगे करने की वकालत
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रंप ने कहा कि इजरायल हिज्बुल्लाह के खिलाफ सैन्य अभियान तो चला रहा है, लेकिन इसकी आड़ में भारी संख्या में आम और बेकसूर लोगों की जान जा रही है। ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा कि इजरायल वहां सबको मारे बिना यह काम नहीं कर पा रहा है, इसलिए अब सीरिया को इस मोर्चे पर आगे आना चाहिए। ट्रंप का यह बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में इसलिए भी बहुत अहम माना जा रहा है, क्योंकि सीरिया लंबे समय से इजरायल का कट्टर विरोधी देश रहा है। ऐसे में ट्रंप का यह कहना कि सीरिया बेहतर तरीके से हिज्बुल्लाह से लड़ सकता है, इजरायल की सैन्य रणनीति पर अमेरिकी राष्ट्रपति की सीधी और बड़ी नाराजगी माना जा रहा है।
“अमेरिका के बिना इजरायल का कोई वजूद नहीं”
ट्रंप ने साफ लफ्जों में कहा कि नेतन्याहू सरकार के इस अड़ियल और कड़े रुख की वजह से ही ईरान के साथ चल रही अमेरिका की शांति बातचीत बुरी तरह प्रभावित हुई। उनके मुताबिक, इजरायल के इस अभियान ने उस पूरी कूटनीतिक प्रक्रिया को करीब-करीब तबाह कर दिया था, जिसके जरिए इस पूरे क्षेत्र में तनाव कम करने की गंभीर कोशिशें की जा रही थीं। उन्होंने बताया कि हाल ही में बेरूत पर हुए भीषण इजराइली हमले को लेकर भी उन्होंने नेतन्याहू प्रशासन के सामने कड़ी आपत्ति जताई थी। ट्रंप ने कहा कि उन्हें इजरायल का यह आत्मघाती हमला बिल्कुल भी पसंद नहीं आया। बातचीत के दौरान ट्रंप ने इजरायल को उसकी सीमाएं याद दिलाते हुए बेहद तल्ख लहजे में कहा कि अमेरिका के अटूट समर्थन के बिना इजरायल की स्थिति बहुत कमजोर हो सकती थी। उन्होंने कहा कि अगर आज अमेरिका साथ न हो, तो इजरायल का कोई वजूद ही नहीं बचता।
पूरी बिल्डिंग गिराने की नीति पर उठाए गंभीर सवाल
सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने लेबनान में इजरायल द्वारा किए जा रहे हमलों के तरीकों पर खुलकर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इजरायल लंबे समय से हिज्बुल्लाह के खिलाफ जंग लड़ रहा है, लेकिन इसमें हर दिन बेगुनाह नागरिक मारे जा रहे हैं। ट्रंप ने सवाल उठाते हुए कहा कि किसी एक आतंकी या दुश्मन को निशाना बनाने के लिए हर बार पूरी की पूरी रिहायशी बिल्डिंग को बम से उड़ा देना कहीं से भी जायज नहीं है, क्योंकि वहां रहने वाले बाकी सभी लोग हिज्बुल्लाह से नहीं जुड़े होते।
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ट्रंप का यह बेहद सख्त रुख अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऐसे समय में सामने आया है, जब महज एक दिन पहले ही अमेरिका और ईरान ने आपस में तनाव कम करने के लिए एक ऐतिहासिक शांति समझौते का ऐलान किया है। इस प्रस्तावित वैश्विक समझौते में हॉर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए फिर से खोलने और ईरान पर लगी अमेरिकी आर्थिक पाबंदियों में बड़ी राहत देने जैसे ऐतिहासिक कदम शामिल हैं। इस बड़ी डील को अंतिम रूप देने के लिए इसी शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में एक आधिकारिक समझौता साइन होने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।




