World News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इज़रायल और हमास के बीच जारी जंग को रोकने के लिए 20 सूत्रीय शांति योजना पेश की है। ट्रंप का दावा है कि यह योजना दोनों पक्षों के लिए “विन-विन” स्थिति तैयार कर सकती है और गाजा पट्टी में अस्थायी शांति बहाल करने का रास्ता खोलती है। प्रस्ताव में गाजा से सैनिकों की वापसी, बफर जोन बनाने, हमास का भविष्य तय करने और गाजा में अंतरिम सरकार जैसी शर्तें शामिल हैं।
वेस्ट बैंक का ज़िक्र नदारद
हालांकि, इस शांति योजना की सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि इसमें वेस्ट बैंक का कोई ठोस ज़िक्र नहीं है। वेस्ट बैंक लंबे समय से टू-स्टेट सॉल्यूशन का मुख्य हिस्सा रहा है और यहाँ लाखों फिलिस्तीनी रहते हैं। फिलिस्तीनी अथॉरिटी वहां काम कर रही है, जो गाजा की तुलना में मजबूत है। इसके अलावा, वेस्ट बैंक में यहूदी बस्तियां और सैन्य चौकियां मौजूद हैं, लेकिन प्रस्ताव में इन्हें हटाने या समाधान का कोई जिक्र नहीं किया गया। विश्लेषकों का मानना है कि गाजा पर ही ध्यान केंद्रित करने की वजह यह है कि वेस्ट बैंक का मुद्दा जटिल और बेहद संवेदनशील है, जो तुरंत समाधान को मुश्किल बना सकता था।
हमास की शंकाएं और इज़रायली रुख
प्रस्ताव स्पष्ट रूप से हमास से सभी बंधकों को छोड़ने और हथियार डालने की मांग करता है। लेकिन इसके पीछे समयसीमा और सुरक्षा गारंटी का अभाव देखा जा रहा है। यही कारण है कि हमास इस पर तुरंत सहमत होने से बच रहा है। संगठन को आशंका है कि यदि वे हथियार छोड़ते हैं तो यह उन्हें कमजोर करने और फंसाने की साजिश हो सकती है। दूसरी ओर, इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पहले ही यह कह चुके हैं कि वे किसी भी हालत में अलग फिलिस्तीन राष्ट्र के पक्षधर नहीं हैं। यह स्थिति इस शांति योजना को और पेचीदा बना देती है।
अंतरराष्ट्रीय समर्थन और आलोचना
इस प्रस्ताव को कई इस्लामिक देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने “सकारात्मक पहल” कहकर स्वीकार किया है, लेकिन विशेषज्ञ इसे केवल “अस्थायी समाधान” मानते हैं। उनका कहना है कि जब तक वेस्ट बैंक जैसे केंद्रीय मुद्दे हल नहीं होंगे, तब तक दीर्घकालिक शांति असंभव है।
अस्थायी या स्थायी?
ट्रंप का यह प्रस्ताव गाजा में तुरंत हिंसा रोकने का ढांचा तो देता है, लेकिन वेस्ट बैंक की जटिलताओं और हमास की चिंताओं को नजरअंदाज करने के कारण इसे एक अधूरा और कमजोर समाधान माना जा रहा है। यह अस्थायी शांति लाने में सक्षम हो सकता है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए व्यापक रणनीति की आवश्यकता होगी।



