World News: अमेरिकी राजनीति और कारोबारी दुनिया का रिश्ता हमेशा दिलचस्प रहा है। इसी कड़ी में व्हाइट हाउस में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल डिनर सुर्खियों में है। इस खास मौके पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एप्पल के सीईओ टिम कुक से सीधा सवाल दागा— “आप पहले कहीं और थे, अब घर लौट रहे हैं, अमेरिका में कितना निवेश करेंगे?”
यह सवाल जितना सरल दिखता है, उतना ही गहरा संदेश भी छिपाए हुए है। ट्रंप का इशारा एप्पल के भारत में बढ़ते प्रोडक्शन और निवेश की ओर था, जिसे लेकर वे पहले भी असंतोष जता चुके हैं।
ट्रंप का टिम कुक से सीधा सवाल
डिनर के दौरान ट्रंप ने हल्के-फुल्के अंदाज में कुक से कहा कि एप्पल अब “घर लौट रही है।” उन्होंने आगे पूछा, “अमेरिका में कितना निवेश करने वाले हो?” इस मौके पर टेबल पर मौजूद थे दुनिया के सबसे बड़े टेक दिग्गज— मेटा प्रमुख मार्क जुकरबर्ग, ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन, गूगल सीईओ सुंदर पिचाई और माइक्रोसॉफ्ट सीईओ सत्या नडेला।
कुक ने ट्रंप को जवाब देते हुए कहा कि एप्पल अमेरिका में करीब 600 अरब डॉलर का निवेश करने जा रही है। उन्होंने ट्रंप की नीतियों की सराहना भी की और कहा कि, “आपके नेतृत्व और नवाचार पर जोर देने से ही हमें ऐसा माहौल मिला है, जिसमें हम अमेरिका में इतना बड़ा निवेश करने का भरोसा कर पा रहे हैं।”
भारत निवेश पर ट्रंप की नाराजगी
यहां गौर करने वाली बात यह है कि कुछ समय पहले ही ट्रंप ने टिम कुक से नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि उन्हें एप्पल का भारत में प्रोडक्शन बढ़ाना बिल्कुल पसंद नहीं है। ट्रंप ने कुक से कहा था— “मेरे दोस्त, मैंने तुम्हारे साथ अच्छा व्यवहार किया है। अब तुम यहां 600 अरब डॉलर का निवेश करने आ रहे हो, लेकिन सुन रहा हूं कि तुम भारत में भी निर्माण कर रहे हो। मैं नहीं चाहता कि तुम भारत में निवेश करो।”
क्यों बढ़ा एप्पल का भारत की ओर झुकाव?
असल में, एप्पल लंबे समय से चीन पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रही है। कंपनी चीन के बजाय भारत को एक बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में देख रही है। आने वाले वर्षों में एप्पल का लक्ष्य है कि दुनिया भर में बिकने वाले कम से कम 25 फीसदी आईफोन भारत में बने।
रिपोर्ट्स की मानें तो कंपनी भारत में अपनी उत्पादन क्षमता को मौजूदा 4 करोड़ यूनिट्स से बढ़ाकर 6 करोड़ यूनिट्स करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए करीब 2.5 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा।
अमेरिका बनाम भारत निवेश की जंग
ट्रंप की नाराजगी का असली कारण यही है कि अमेरिका अपने देश में रोजगार और निवेश बढ़ाना चाहता है, जबकि एप्पल अपने ग्लोबल प्रोडक्शन नेटवर्क को संतुलित करने के लिए भारत की ओर रुख कर रहा है। ट्रंप चाहते हैं कि एप्पल जैसे बड़े ब्रांड ज्यादा से ज्यादा निवेश अमेरिका में करें ताकि अमेरिकी इकोनॉमी को मजबूती मिले।



