मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया की पहचान, उपचार व रोकथाम पर दिया गया विस्तृत प्रशिक्षण
डुमरी (गुमला): सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरी में बुधवार को ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आरएचपी (रूरल हेल्थ प्रैक्टिशनर) डॉक्टरों के लिए वेक्टर बॉर्न डिजीज को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला वेक्टर बॉर्न डिजीज (VBD) सलाहकार शर्मीला शर्मा ने किया।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों पर विस्तार से जानकारी दी गई। सलाहकार शर्मा ने इन रोगों के कारण, संक्रमण फैलने के तरीकों तथा प्रभावी बचाव उपायों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समय पर पहचान और सही उपचार से गंभीर जटिलताओं को रोका जा सकता है।
उन्होंने आरएचपी डॉक्टरों को प्राथमिक स्तर पर रोगी मिलने की स्थिति में दी जाने वाली आवश्यक दवाइयों, रेफरल प्रक्रिया और नियमित फॉलोअप की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही क्षेत्र में सतर्क निगरानी रखने, संदिग्ध मामलों की शीघ्र रिपोर्टिंग करने और आम लोगों को जागरूक करने पर विशेष जोर दिया।
सलाहकार शर्मा ने कहा कि मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए विभागीय दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन बेहद जरूरी है। प्रशिक्षण में उपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों ने इसे अत्यंत उपयोगी बताया और कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में वेक्टर बॉर्न डिजीज के नियंत्रण में प्रभावी मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में एमटीएस ओम प्रकाश मिस्त्री, लेखपाल इंदु कुमारी, एलटी नरेंद्र कुमार, एमपीडब्ल्यू सचिन सलिल कुजूर, अनूप कुमार, पवन चिक बड़ाइक, बीटीटी मंजुला मिंज, अंशु भगत सहित लगभग 50 स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे।
डुमरी से आदित्य कुमार की रिपोट



