रांची: राजधानी में दहशत का पर्याय बन रहे कुख्यात अपराधी राहुल सिंह गिरोह पर पुलिस ने सर्जिकल स्ट्राइक की है। मेसरा थाना क्षेत्र के टोयोटा शोरूम के पास हुई फायरिंग की वारदात को सुलझाते हुए रांची पुलिस ने गिरोह के पांच सक्रिय सदस्यों को हथियारों के जखीरे के साथ गिरफ्तार किया है। सिटी एसपी पारस राणा ने बुधवार को इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि ये अपराधी शहर के व्यापारियों को डरा-धमकाकर रंगदारी वसूलने की साजिश रच रहे थे।

4 फरवरी की वह ‘गलत’ फायरिंग

मामले की जड़ 4 फरवरी की उस घटना में है, जब विकास अस्पताल के गेट पर अचानक हुई हवाई फायरिंग से इलाके में हड़कंप मच गया था। पुलिस की जांच में जो बात सामने आई, वह काफी चौंकाने वाली है। दरअसल, जेल में बंद गैंगस्टर राहुल सिंह ने टोयोटा शोरूम के मालिक से 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। जब मालिक ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो गिरोह के गुर्गों को शोरूम पर गोलियां चलाने का आदेश मिला। हालांकि, हड़बड़ाहट में अपराधियों ने शोरूम के बजाय बगल में स्थित विकास अस्पताल के गेट पर फायरिंग कर दी थी।

कोकर के सुंदर विहार से हुई पहली गिरफ्तारी

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि घटना का मुख्य आरोपी अमन कुमार ठाकुर उर्फ छोटू कोकर के सुंदर विहार इलाके में देखा गया है। त्वरित कार्रवाई करते हुए सिटी एसपी के नेतृत्व में छापेमारी दल ने उसे धर दबोचा। अमन की निशानदेही पर ही पुलिस ने गिरोह के चार अन्य सदस्यों करण कुमार उरांव, विशाल मुंडा, सेंटू सिंह और रामानंद कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया।

हथियार और ‘कलर बदली’ हुई बाइक बरामद

गिरफ्तार आरोपितों के पास से पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल किए गए कई सामान बरामद किए हैं:

  • हथियार: एक देसी पिस्टल और दो जिंदा गोलियां।

  • वाहन: वारदात में प्रयुक्त अपाची मोटरसाइकिल (जिसे पहचान छिपाने के लिए रंगा गया था)।

  • इलेक्ट्रॉनिक्स: छह मोबाइल फोन।

  • अन्य: घटना के वक्त पहने गए कपड़े, चप्पल और हेलमेट।

खौफ फैलाकर वसूली का था इरादा

पूछताछ में पता चला है कि राहुल सिंह जेल के भीतर से ही गिरोह का संचालन कर रहा है। उसकी योजना शहर के बड़े कारोबारियों के बीच गोलियां चलवाकर दहशत फैलाना था, ताकि वे आसानी से मोटी रंगदारी दे सकें। अमन और करण जैसे अपराधियों का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है। इस गिरफ्तारी के साथ ही रांची पुलिस ने गिरोह की कमर तोड़ दी है, जिससे व्यापारियों ने राहत की सांस ली है।

Share.
Exit mobile version