फॉण्ट कनवर्टर NEW

रांची सिविल कोर्ट को तीसरी बार उड़ाने की धमकी, ‘IP एड्रेस’ तक पहुँची साइबर सेल

रांची: राजधानी के सिविल कोर्ट परिसर को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद अब जांच का केंद्र ‘डिजिटल फुटप्रिंट्स’ बन गया है। शनिवार को मिले इस धमकी भरे ई-मेल ने सुरक्षा एजेंसियों को न केवल जमीन पर बल्कि साइबर स्पेस

अपनी भाषा में पढ़ें

रांची: राजधानी के सिविल कोर्ट परिसर को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद अब जांच का केंद्र ‘डिजिटल फुटप्रिंट्स’ बन गया है। शनिवार को मिले इस धमकी भरे ई-मेल ने सुरक्षा एजेंसियों को न केवल जमीन पर बल्कि साइबर स्पेस में भी सक्रिय कर दिया है।

IP एड्रेस और सर्वर की जांच तेज

कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय के नेतृत्व में रांची पुलिस की तकनीकी सेल ई-मेल के IP (इंटरनेट प्रोटोकॉल) एड्रेस को ट्रेस करने में जुटी है। शुरुआती जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ई-मेल किसी लोकल नेटवर्क से भेजा गया है या इसके लिए VPN (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) का सहारा लेकर लोकेशन छिपाई गई है।

पिछली धमकियों से कनेक्शन की तलाश

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आज का ई-मेल और 6 फरवरी को मिली पिछली धमकी का सोर्स एक ही है। साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार एक ही संस्थान को सॉफ्ट टारगेट बनाना किसी संगठित गिरोह या विक्षिप्त मानसिकता वाले व्यक्ति की सोची-समझी साजिश हो सकती है।

BDDS और सुरक्षा घेरा

ग्राउंड जीरो पर BDDS (बीडीडीएस) और डॉग स्क्वायड ने पूरे कोर्ट परिसर को खंगाला है। ई-मेल में RDX जैसे खतरनाक विस्फोटक का जिक्र होने के कारण पुलिस किसी भी इनपुट को हल्के में नहीं ले रही है। सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट के सभी प्रवेश द्वारों पर सीसीटीवी फुटेज की भी गहन जांच की जा रही है ताकि ई-मेल भेजने के समय के आसपास किसी संदिग्ध गतिविधि का पता चल सके।

“हम तकनीकी साक्ष्यों को जुटा रहे हैं। ई-मेल भेजने वाले का पता लगाने के लिए साइबर विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होगा।”प्रकाश सोय, डीएसपी कोतवाली

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram