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रांची: ग्रामीण इलाकों में अवैध हथियारों के निर्माण और तस्करी का एक बड़ा नेटवर्क सामने आया है। रांची पुलिस ने सफलता हासिल करते हुए अनगड़ा थाना क्षेत्र में संचालित हो रही एक ‘मिनी गन फैक्ट्री’ का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने एक शातिर आरोपित को गिरफ्तार किया है, जो घर की आड़ में मौत के सामान तैयार कर रहा था।
मामले की जानकारी देते हुए ग्रामीण एसपी प्रवीन पुष्कर ने शनिवार को बताया कि एसएसपी राकेश रंजन को एक सटीक गुप्त सूचना मिली थी। सूचना यह थी कि अनगड़ा के सीताडीह गांव में एक व्यक्ति अपने ही घर के भीतर अवैध रूप से हथियारों का निर्माण कर रहा है और जल्द ही हथियारों की एक बड़ी खेप बाजार में अपराधियों तक पहुंचाने की फिराक में है।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने जब सीताडीह गांव स्थित संदिग्ध ठिकाने पर दबिश दी, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए।
शौचालय के नीचे छिपा रखा था हथियारों का जखीरा
गिरफ्तार आरोपित की पहचान नारायण लोहरा के रूप में हुई है। पुलिस से बचने के लिए नारायण ने बड़ी ही चालाकी से हथियारों को छिपाने की जगह बनाई थी। छापेमारी के दौरान जब शुरुआती तलाशी में कुछ हाथ नहीं लगा, तो पुलिस ने सघन जांच शुरू की। अंततः घर के पीछे बने शौचालय के नीचे से हथियारों का जखीरा बरामद किया गया। नारायण ने शौचालय के टैंक या उसके पास गुप्त जगह बना रखी थी, जहां वह तैयार माल रखता था।
बरामदगी का विवरण:
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तैयार देसी हथियार: 19 पीस (पूरी तरह निर्मित)
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अर्धनिर्मित हथियार: 04 पीस
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उपकरण: हथियार बनाने वाली ड्रिल मशीन, रेती, कटर और अन्य औजार।
अपराधियों को 10 से 15 हजार में सप्लाई
पूछताछ के दौरान आरोपित नारायण लोहरा ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने स्वीकार किया कि वह इन देसी कट्टों और हथियारों को स्थानीय अपराधियों और असामाजिक तत्वों को 10,000 से 15,000 रुपये के बीच बेचा करता था। वह ऑर्डर के आधार पर हथियारों की फिनिशिंग करता था।
ग्रामीण एसपी ने बताया कि अब पुलिस की जांच उस नेटवर्क पर केंद्रित है, जो नारायण से हथियार खरीदा करते थे। पुलिस उन अपराधियों की सूची तैयार कर रही है जो इस फैक्ट्री के ‘कस्टमर’ थे। इस गिरफ्तारी से क्षेत्र में होने वाली संभावित आपराधिक घटनाओं पर लगाम लगने की उम्मीद है। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि नारायण को हथियार बनाने के लिए कच्चा माल कहां से मिलता था और क्या इस धंधे में उसके साथ कुछ अन्य लोग भी शामिल हैं।

