Ranchi News : झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSPLPS) की 46.90 लाख रुपये की सरकारी राशि के गबन मामले में जेल में बंद राजेश टूर एंड ट्रेवल्स के मालिक राजेश कुमार को एक बार फिर जमानत नहीं मिली है। सिविल कोर्ट, रांची के अपर न्यायायुक्त की अदालत ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।

राजेश कुमार ने 9 जून को जमानत के लिए याचिका दायर की थी, जिस पर बीते दिनों सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले की गंभीरता और आरोपों की प्रकृति को देखते हुए राहत देने से इनकार कर दिया। इससे पहले 22 मई को भी न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। वह 10 मई 2025 से न्यायिक हिरासत में हैं।

इस गबन मामले में राजेश कुमार के साथ झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के सहायक लेखपाल शशांक वर्मा को भी आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि दोनों ने आपसी साजिश रचते हुए वर्ष 2019 से 2021 के बीच विभिन्न तिथियों में JSPLPS के खातों से कुल ₹46,90,001 की अवैध निकासी की। यह राशि कई बार में निकाली गई और सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।

इस मामले में 12 जनवरी 2023 को JSPLPS के मुख्य परिचालन पदाधिकारी विष्णु चरण परिडा ने सुखदेवनगर थाना में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। FIR में दोनों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और सरकारी राशि की हेराफेरी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

पुलिस जांच के क्रम में पर्याप्त सबूत मिलने पर राजेश कुमार और शशांक वर्मा को गिरफ्तार किया गया। वर्तमान में दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की आगे की जांच चल रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने टिप्पणी की कि प्रथम दृष्टया राजेश कुमार की संलिप्तता स्पष्ट प्रतीत होती है और जमानत देने से जांच में बाधा आ सकती है। इस कारण उनकी जमानत याचिका एक बार फिर खारिज कर दी गई।

सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले पर राज्यभर की निगाहें टिकी हुई हैं। जांच एजेंसियां पूरी तत्परता से दस्तावेज खंगाल रही हैं और जल्द ही चार्जशीट दाखिल होने की संभावना है।

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