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रांची : नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर बरियातू स्थित आवासीय विद्यालय में प्रेरणा और संकल्प का संगम देखने को मिला। रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) राकेश रंजन ने न केवल नेताजी को श्रद्धांजलि दी, बल्कि विद्यालय में पढ़ रहे बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
छात्रावास का होगा कायाकल्प
उपायुक्त ने स्कूल के छात्रावास का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने रसोई, आवासीय कक्ष और स्वच्छता सुविधाओं का जायजा लेते हुए जिला शिक्षा अधीक्षक को निर्देश दिया कि पूरे छात्रावास का समग्र अपग्रेडेशन किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुविधाओं में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। साथ ही, विद्यालय में रचनात्मक माहौल बनाने के लिए प्रशासन द्वारा वाद्य यंत्र भी उपलब्ध कराए गए हैं।
संवेदनशीलता और प्रेरणा की मिसाल
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब उपायुक्त ने स्कूल के 9 अनाथ बच्चों से संवाद किया। उन्होंने कहा, “जिन बच्चों के माता-पिता नहीं हैं, वे खुद को अकेला न समझें; उनके शिक्षक ही उनके असली अभिभावक हैं।” वहीं, SSP राकेश रंजन ने बच्चों में जोश भरते हुए अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) बोर्ड से पढ़ाई की और आज IPS अधिकारी के रूप में सेवा दे रहे हैं। उन्होंने बच्चों को सिखाया कि संसाधनों की कमी कभी लक्ष्य की राह में बाधा नहीं बनती, बशर्ते इच्छाशक्ति मजबूत हो।

