World News: थाईलैंड में पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है, जिस पर आरोप है कि उसने प्रभावशाली और वरिष्ठ बौद्ध भिक्षुओं को अपने हनी ट्रैप में फंसाया, उनके साथ यौन संबंध बनाकर न सिर्फ उनकी अश्लील तस्वीरें और वीडियो तैयार किए, बल्कि ब्लैकमेल करके उनसे मोटी रकम भी ऐंठ ली। तीन वर्षों में यह रकम लगभग 102 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। यह पूरा रैकेट तब उजागर हुआ जब एक वरिष्ठ भिक्षु ने अचानक अपना ब्रह्मचर्य जीवन त्याग दिया। उस भिक्षु ने बताया कि महिला ने दावा किया था कि वह उसके बच्चे की मां बनने वाली है और उसने यह रहस्य छिपाने के बदले करीब 72 लाख थाई बहत की मांग की थी।

महिला की धमकियों और ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर भिक्षु ने खुद को धर्मसंघ से अलग कर लिया। जब मामला पुलिस तक पहुंचा और जांच शुरू हुई, तब पता चला कि ऐसे कुल 9 भिक्षु इस महिला के जाल में फंस चुके हैं। इनमें से कुछ भिक्षुओं ने स्वीकार भी किया कि वे महिला से रिश्ते में थे और उसे उपहार भी देते थे – जैसे कि कार और पैसे। एक भिक्षु ने बताया कि जब उसे यह पता चला कि वह महिला किसी और भिक्षु के साथ भी संबंध में है, तब उसने खुद को ठगा महसूस किया और महिला ने यहीं से पैसों की मांग शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाईलैंड के सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने पूरे देश के बौद्ध मठों और भिक्षुओं की जांच शुरू करने का आदेश दिया है। अधिकारियों का मानना है कि यह मामला धर्म और समाज की छवि को भारी नुकसान पहुंचा सकता है और ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विलेवन ने जो पैसा ऐंठा, उसमें से अधिकांश रकम जुए में गंवा दी। महिला की गिरफ्तारी के बाद वह यह स्वीकार भी कर चुकी है कि उसके भिक्षुओं के साथ रिश्ते थे, लेकिन उसने यह दावा किया कि उसने पैसे लिए नहीं, बल्कि कई बार खुद दिए।

जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य भी सामने आया कि महिला के बैंक खाते में बड़ी रकम एक बौद्ध मंदिर के खाते से ट्रांसफर की गई थी। इस ट्रांजैक्शन के बाद पुलिस ने मनी लॉन्ड्रिंग, अवैध वसूली और चोरी के सामान को रखने के आरोपों में विलेवन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि उसने करीब 80,000 से ज्यादा अश्लील फोटो और वीडियो एकत्र किए थे, जिनके बल पर वह भिक्षुओं को डरा-धमका कर मोटी रकम वसूलती थी। गिरफ्तार महिला की पहचान विलेवन एम्सवाट उर्फ मिस गोल्फ के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि विलेवन एक सुनियोजित तरीके से उन भिक्षुओं को अपना निशाना बनाती थी, जो समाज में उच्च पदों पर थे या जिनके पास आर्थिक संसाधन थे। वह पहले उनसे सोशल मीडिया के ज़रिए संपर्क करती, फिर निजी संबंध बनाकर उनका भरोसा जीतती। इसके बाद वे अंतरंग पलों की रिकॉर्डिंग करती और उन्हीं तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल कर उन्हें ब्लैकमेल करने लगती।

Share.
Exit mobile version