Mumbai: महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) स्थगित होने के बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पेपर लीक मामले को गंभीर अपराध बताते हुए मुख्य साजिशकर्ताओं के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से विस्तार से चर्चा करेंगे।

दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

एकनाथ शिंदे ने कहा कि टीईटी पेपर लीक की घटना बेहद चिंताजनक है और इसकी निष्पक्ष तथा गहन जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि चाहे कोई भी व्यक्ति किसी भी पद पर हो या किसी संगठित गिरोह का हिस्सा हो, दोषी पाए जाने पर उसे किसी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी। सभी के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि पेपर लीक केवल परीक्षा में अनियमितता नहीं, बल्कि एक गंभीर अपराध है, जो कई मामलों में संगठित अपराध का रूप ले लेता है।

पुलिस की कार्रवाई की सराहना

उपमुख्यमंत्री ने भिवंडी पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि गुप्त सूचना के आधार पर समय रहते छापेमारी कर लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित होने से बचाया गया। उन्होंने टीईटी परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को भरोसा दिलाया कि परीक्षा जल्द ही पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ दोबारा आयोजित की जाएगी।

शिंदे ने यह भी कहा कि महायुति सरकार महाराष्ट्र की शिक्षा व्यवस्था को भ्रष्टाचार मुक्त, गुणवत्तापूर्ण और अधिक सक्षम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

पेपर लीक की आशंका पर परीक्षा स्थगित

महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने 28 जून को आयोजित होने वाली टीईटी परीक्षा को पेपर लीक की आशंका के चलते स्थगित कर दिया है। परिषद के अनुसार, भिवंडी में पुलिस कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों के पास मिले प्रश्न परीक्षा के प्रश्नपत्र से मेल खाते पाए गए। इसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई और परीक्षा को तत्काल प्रभाव से टाल दिया गया।

परिषद ने बताया कि टीईटी परीक्षा राज्यभर के 1,028 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होनी थी। मामले की जांच जारी है और नई परीक्षा तिथि सहित अन्य जानकारी परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।

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