Tehran, (Iran): युद्ध की विभीषिका और तनाव झेल रहे ईरान में मंगलवार की रात कुदरत के कहर ने एक बार फिर जबरदस्त दहशत पैदा कर दी। राजधानी तेहरान और उसके आसपास के इलाकों में रात के अंधेरे में 4.6 तीव्रता के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक, इस भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था, जो तेहरान और माज़ंदरान के बीच का सीमावर्ती इलाका है।

जब आधी रात को धरती हिली, तब ज्यादातर लोग गहरी नींद में सो रहे थे। झटके इतने जोरदार थे कि पलक झपकते ही लोगों की नींद खुल गई और पूरे शहर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वर्तमान में ईरान का अमेरिका और इजरायल के साथ जिस तरह का सैन्य संघर्ष चल रहा है, उसने नागरिकों के मन में गहरा डर पैदा कर दिया है। झटके लगते ही कई लोगों को लगा कि शायद फिर से कोई बड़ा हवाई हमला या मिसाइल अटैक हुआ है। इसी खौफ के चलते लोग अपने मासूम बच्चों और बुजुर्गों को लेकर खुले मैदानों और सड़कों की ओर भागने लगे। हालांकि, कुछ घंटों बाद जब यह साफ हुआ कि यह केवल एक प्राकृतिक भूकंप था, तब जाकर लोगों के मन से मिसाइल का डर निकला और उन्होंने राहत की सांस ली।

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ईरान के सरकारी मीडिया ‘आईआरआईबी’ की शुरुआती खबरों के अनुसार, इस भूकंप से फिलहाल किसी के हताहत होने या बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान की खबर नहीं मिली है। गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संयुक्त हमलों के बाद से ही ईरान में हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। इस तनावपूर्ण माहौल में जब भी जमीन हिलती है, तो सोशल मीडिया पर मिसाइल परीक्षण या गुप्त परमाणु परीक्षण की अटकलें तेज हो जाती हैं। हालांकि, वैज्ञानिकों ने इन दावों को खारिज करते हुए इसे विशुद्ध रूप से प्राकृतिक भूगर्भीय हलचल ही बताया है।

भूकंप की यह हलचल सिर्फ ईरान तक ही सीमित नहीं है। पिछले कुछ दिनों में दक्षिण एशिया के कई हिस्सों में भी धरती कांपी है। हाल ही में नेपाल के दार्चुला में 4.1 और भारत के जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में 3.5 तीव्रता के झटके दर्ज किए गए थे। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र का मानना है कि हिमालयी क्षेत्रों और मध्य-पूर्व में आ रहे ये भूकंप आने वाले समय में बड़ी भूगर्भीय हलचलों की ओर इशारा कर रहे हैं। फिलहाल, तेहरान का प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें पूरी मुस्तैदी से स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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