India News: तमिलनाडु सरकार ने प्राथमिक शिक्षा विभाग के तहत काम कर रहे सैकड़ों शिक्षकों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। जो शिक्षक अब तक टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास नहीं कर पाए हैं, उनके लिए 2026 में तीन विशेष परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। ये परीक्षाएं जनवरी, जुलाई और दिसंबर में होंगी, ताकि उन्हें साल में कई मौके मिल सकें।
राज्य के प्राथमिक शिक्षा विभाग के तहत पंचायत यूनियन, नगरपालिका, कॉरपोरेशन और सरकारी प्राथमिक व माध्यमिक स्कूल आते हैं। इनमें काम करने वाले ज्यादातर शिक्षक ऐसे हैं जिन्हें TET सिस्टम शुरू होने से पहले ही नियुक्ति मिली थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अब सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल के शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य हो गया है।
तीन बार परीक्षा और स्पेशल ट्रेनिंग
नए आदेश के अनुसार, जो शिक्षक TET शुरू होने से पहले भर्ती हुए हैं, उन्हें भी यह परीक्षा पास करनी होगी। वे बिना पास किए वर्तमान नौकरी जारी रख पाएंगे, लेकिन पदोन्नति या अन्य लाभ पाने के लिए परीक्षा उत्तीर्ण करना ज़रूरी होगा।
राज्य का टीचर्स रिक्रूटमेंट बोर्ड (टीआरबी) इन परीक्षाओं का आयोजन करेगा। इसके साथ ही सरकार शिक्षकों के लिए विशेष ट्रेनिंग सत्र भी रखेगी, जो सप्ताहांत पर जिला या राजस्व क्षेत्र स्तर पर होंगे। इन सत्रों में विषय ज्ञान और पढ़ाने के तरीकों पर ध्यान दिया जाएगा, ताकि शिक्षक परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर सकें।
इन ट्रेनिंग का समन्वय स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एससीईआरटी) करेगी। यह संस्था शिक्षकों की शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए काम करती है। सरकार का मानना है कि परीक्षा से पहले प्रशिक्षण उन्हें और तैयार करेगा और उनकी सफलता की संभावना बढ़ाएगा।
2026 में तीन चरणों की परीक्षाओं के बाद सरकार मूल्यांकन करेगी कि भविष्य में कितनी बार ऐसी परीक्षाएं करानी चाहिए। 2027 से इसके लिए नई योजना लागू की जाएगी। इस फैसले से हजारों शिक्षक लाभान्वित होंगे और तमिलनाडु के सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में राष्ट्रीय स्तर की मान्यता प्राप्त योग्यता वाले शिक्षक होंगे।



