World News: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच जारी सीमा तनाव के बीच अब तालिबान की सेना ने सख्त चेतावनी जारी की है। अफगानिस्तान के आर्मी चीफ फसीहुद्दीन फितहत ने कहा कि “जिसने भी अफगानों को छेड़ा, उसकी जड़ें खुद खत्म हो गईं।” यह बयान हाल ही में दोनों देशों के बीच हुए युद्धविराम समझौते के बाद आया है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तालिबान सेना प्रमुख ने इस्लामाबाद को अप्रत्यक्ष रूप से चेतावनी देते हुए कहा कि अफगानिस्तान का इतिहास गवाह है—जो कोई भी हमारे देश की सीमा में घुसा, वह कभी वापस सलामत नहीं लौटा। फसीहुद्दीन ने कहा कि पाकिस्तान को अपनी नीतियों की समीक्षा करनी चाहिए, क्योंकि अफगानिस्तान किसी भी प्रकार की घुसपैठ को बर्दाश्त नहीं करेगा।

यह बयान दोहा में हुए युद्धविराम समझौते के एक दिन बाद सामने आया, जब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा था कि सीजफायर तभी मान्य होगा जब अफगानिस्तान सीमा पार करने वाले सशस्त्र गुटों को रोकेगा। हाल के दिनों में पाकिस्तानी सेना और अफगान बलों के बीच कई भीषण झड़पें हुई थीं, जिनमें दोनों तरफ के नागरिकों की मौत हुई।

फसीहुद्दीन ने कहा कि अफगान सरकार अपने नागरिकों की जान की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी। उन्होंने दोहराया, “जो भी हमारे क्षेत्र में घुसेगा, हमें निर्णायक और विनाशकारी जवाब देना आता है।”

इसी बीच अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री मुल्ला याकूब ने भी पाकिस्तान की आलोचना करते हुए कहा कि टीटीपी (तहरीक‑ए‑तालिबान पाकिस्तान) कोई आतंकी संगठन नहीं है, बल्कि पाकिस्तान अपने राजनीतिक विरोधियों को बदनाम करने के लिए “आतंकवादी” टैग का इस्तेमाल करता है।

विश्लेषकों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच समझौते के बावजूद आपसी अविश्वास और सीमा संघर्ष की स्थिति अभी खत्म नहीं हुई है।

Share.
Exit mobile version