World News: सीरिया का प्रमुख शहर होम्स एक बार फिर सांप्रदायिक हिंसा और बारूद की गंध से दहल उठा है। रविवार को यहां का मंजर किसी डरावने सपने जैसा था, जहां धार्मिक अल्पसंख्यक अलवी समुदाय और उनके विरोधियों के बीच हुई हिंसक झड़पों ने पूरे शहर को युद्ध के मैदान में बदल दिया। स्वास्थ्य विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अब तक कम से कम तीन लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जबकि दर्जनों लोग जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं।
मस्जिद धमाके ने भरी नफरत की चिंगारी
तनाव की असल शुरुआत पिछले शुक्रवार को हुई थी, जब होम्स की एक अलवी मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान एक कायराना बम धमाका किया गया। उस विस्फोट ने 8 बेगुनाहों की जान ले ली थी। जांच में पता चला है कि विस्फोटक पहले से ही मस्जिद के अंदर प्लांट किए गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी ‘सराया अंसार अल-सुन्ना’ नामक एक कट्टरपंथी समूह ने ली है। रविवार को जब मृतकों का अंतिम संस्कार हुआ, तो शोक की लहर अचानक आक्रोश में बदल गई और प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हो गया।
सुरक्षा बलों पर हमला और बढ़ती अराजकता
सुप्रीम अलवाइट इस्लामिक काउंसिल के प्रमुख शेख गजल गजल के आह्वान पर शुरू हुए प्रदर्शन देखते ही देखते लजीकिया और तरतूस जैसे शहरों तक फैल गए। लजीकिया में स्थिति तब और भयावह हो गई जब सरकार समर्थक गुट और प्रदर्शनकारी आमने-सामने आ गए। पत्थरबाजी और आगजनी के बीच सुरक्षा बलों की कई गाड़ियों को उपद्रवियों ने फूंक दिया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए जवानों को हवा में गोलियां चलानी पड़ीं, लेकिन नफरत की आग बुझने का नाम नहीं ले रही थी।
तरतूस में थाने पर हमला, जवान शहीद
हिंसा की लपटें तरतूस तक भी पहुंच चुकी हैं। यहां एक पुलिस स्टेशन पर हथगोला (Hand Grenade) फेंककर हमला किया गया, जिसमें सुरक्षा बलों के दो सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद हुई क्रॉस फायरिंग में सुरक्षा बल का एक जवान शहीद हो गया। स्थानीय अस्पतालों में घायलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, रविवार की इन झड़पों में 60 से अधिक लोग लहूलुहान हुए हैं।
दहशत के साये में सीरिया के कई शहर
वर्तमान में सुरक्षा बलों ने कई संवेदनशील इलाकों में मोर्चा संभाल लिया है और दोनों गुटों को अलग करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, कट्टरपंथी समूहों द्वारा अलवी संप्रदाय को निशाना बनाने की बार-बार दी जा रही धमकियों ने आम जनता के मन में गहरा डर पैदा कर दिया है। प्रशासन अब उन मास्टरमाइंड्स की तलाश में जुटा है जिन्होंने मस्जिद हमले की साजिश रची थी। फिलहाल, पूरे होम्स और आसपास के इलाकों में कर्फ्यू जैसी स्थिति बनी हुई है और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
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