रांची: झारखंड की राजधानी रांची में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ तथा चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने कठोर कदम उठाया है। 14 जुलाई की देर रात एसएसपी ने नगर पुलिस अधीक्षक (SP City) के साथ मिलकर शहर के विभिन्न पुलिस थानों, रात्रि गश्ती (Night Patrolling) दलों और प्रमुख सुरक्षा प्रतिष्ठानों का अचानक औचक निरीक्षण किया। इस औचक भ्रमण का मुख्य उद्देश्य रात के समय पुलिस की आपातकालीन तैयारियों, पुलिसकर्मियों के अनुशासन और आम जनता के लिए उनकी उपलब्धता व तत्परता की वास्तविक स्थिति को परखना था।

इस सघन चेकिंग अभियान के तहत एसएसपी ने न केवल पुलिस थानों और पीसीआर वैनों की सक्रियता को परखा, बल्कि शहर के संवेदनशील व महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रतिष्ठानों (Important Security Installations) पर तैनात सुरक्षा गार्डों की ड्यूटी की भी बारीकी से जांच की। पुलिस प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर कोई चूक नहीं होनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान हिंदपीढ़ी पुलिस स्टेशन में गंभीर लापरवाही और घोर अनुशासनहीनता का मामला सामने आया। जब एसएसपी वहां पहुंचे, तो ओडी (OD) ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी अपनी निर्धारित वर्दी में नहीं थे। इससे भी बड़ी लापरवाही यह उजागर हुई कि थाना प्रभारी (SHO) को अपने ही थाने में उस वक्त ओडी ड्यूटी संभाल रहे अधिकारी का नाम तक ज्ञात नहीं था। पुलिस महकमे में इस प्रकार की ढिलाई को बेहद गंभीरता से लेते हुए रांची एसएसपी ने हिंदपीढ़ी थाना प्रभारी को कड़ी फटकार लगाई और उनके खिलाफ तत्काल ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause Notice) जारी कर दिया है।

इसके साथ ही, एसएसपी ने रात में मुस्तैद रहने वाली पीसीआर वैनों की भी जगह-जगह चेकिंग की। हालांकि, जहां एक तरफ लापरवाही पर गाज गिरी, वहीं दूसरी तरफ आधी रात को पूरी ईमानदारी, निष्ठा और मुस्तैदी के साथ सड़कों पर ड्यूटी कर रहे पुलिस अधिकारियों व जवानों की एसएसपी ने खुले दिल से सराहना की और उनका हौसला बढ़ाया।

अभियान के अंत में वरीय पुलिस अधीक्षक ने सभी पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को कड़े व स्पष्ट लहजे में निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि सभी सुरक्षाकर्मी हर समय पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहें और थाने आने वाली आम जनता की हर संभव मदद सुनिश्चित करें। एसएसपी ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी कि रात के सन्नाटे में शहर का माहौल बिगाड़ने, अशांति फैलाने या किसी भी तरह का उपद्रव करने वाले असामाजिक तत्वों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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