Jamshedpur News: मानगो स्थित गांधी मैदान में रविवार को मुस्लिम महिलाओं ने हिजाब के समर्थन में प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर जुटीं और नारेबाजी के माध्यम से अपनी बात रखी। महिलाओं ने कहा कि उनके लिए सबसे पहले इस्लाम है और उसके बाद शिक्षा या अन्य कोई विषय।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं का कहना था कि हिजाब उनकी धार्मिक पहचान और आस्था का अहम हिस्सा है, जिसे किसी भी सूरत में छोड़ा नहीं जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा के नाम पर मुस्लिम महिलाओं और छात्राओं पर पर्दा हटाने का दबाव बनाया जा रहा है, जो उनकी धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है। महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि यदि परदे को हटाने या हिजाब पर रोक लगाने की कोशिश की जाएगी, तो वे ऐसी शिक्षा को स्वीकार नहीं करेंगी।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं अनाम यूसुफ ने कहा कि केवल मुस्लिम महिलाओं को ही हिजाब के बहाने निशाना बनाया जा रहा है, जबकि हिंदू धर्म सहित अन्य धर्मों में भी महिलाओं के लिए पर्दे और मर्यादा की परंपरा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि कॉलेज और विश्वविद्यालयों में पढ़ाई के दौरान महिलाओं को जबरन बेपर्दा क्यों किया जा रहा है। उनके अनुसार, यह न केवल धार्मिक आस्था पर चोट है, बल्कि महिलाओं की गरिमा से भी जुड़ा मामला है।
मुस्लिम महिलाओं ने बताया कि यह प्रदर्शन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़े हालिया विवाद के विरोध में भी किया गया है। उनका आरोप है कि एक मुस्लिम महिला डॉक्टर से हिजाब हटवाने की घटना ने पूरे मुस्लिम समाज की भावनाओं को आहत किया है। महिलाओं का कहना था कि इस तरह की घटनाएं समाज में भेदभाव को बढ़ावा देती हैं।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने सरकार और प्रशासन से मांग की कि मुस्लिम महिलाओं को उनके धार्मिक अधिकारों के साथ शिक्षा ग्रहण करने की पूरी आज़ादी दी जाए और हिजाब को लेकर किसी भी प्रकार का भेदभाव या दबाव न बनाया जाए। कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहा, लेकिन महिलाओं ने एकजुट होकर अपनी धार्मिक आस्था और अधिकारों के प्रति दृढ़ संकल्प का संदेश दिया।

Share.
Exit mobile version