Lifestyle Adda: यदि आप प्रेग्नेनेट है तो किसी भी तरह के मानसिक या शारीरिक तनाव लेने से बचें। एक हालिया अध्ययन रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला दावा किया गया है कि प्रेगनेंसी के दौरान ज्यादा तनाव में रहने पर मिसकैरेज का खतरा 42 फीसदी तक बढ़ जाता है। इससे पहले हुए एक अध्ययन में सामने आया था कि 24 सप्ताह की प्रेगनेंसी में होने वाले मिसकैरेज के 20 प्रतिशत मामलों की मुख्य वजह तनाव होती है।
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पुनः किए गए विश्लेषण में पाया गया कि यह आंकड़ा वास्तविकता में कहीं अधिक है, क्योंकि मिसकैरेज के कई मामले औपचारिक रूप से दर्ज ही नहीं हो पाते। इसके अतिरिक्त, रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया है कि युवावस्था में तनाव और अवसाद का सामना करने वाले व्यक्तियों को जीवन के आगे के पड़ाव में कई तरह की बीमारियों का जोखिम रहता है।
प्रेगनेंसी में काम का ज्यादा तनाव न लें
प्रेगनेंसी के दौरान कामकाज और घर का अत्यधिक दबाव लेने से बचें। अपनी प्राथमिकताओं को सीमित करें और परिवार या दोस्तों से मदद लेने में बिल्कुल संकोच न करें:
आराम और हॉबी: घर के काम का बोझ कम करें और उस समय का उपयोग आराम करने या अच्छी किताबें पढ़ने में करें।
कामकाजी महिलाओं के लिए: यदि आप कामकाजी हैं, तो ऑफिस में सिक लीव, मैटरनिटी लीव या उपलब्ध छुट्टियों का पूरा लाभ उठाएं।
शारीरिक गतिविधियां: लंबी और गहरी सांसें लें, हल्का योग या स्ट्रेचिंग करें। यदि तैराकी आती हो तो तैराकी करें अथवा रोजाना हल्की वॉक करें।
संतुलित आहार व नींद: पौष्टिक और संतुलित आहार लें, जिससे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर रहे। रात में समय पर सोएं ताकि गर्भ में पल रहे शिशु के विकास के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
नकारात्मक बातों को दिल से न लगाएं, जरूरत पर लें सलाह
प्रेगनेंसी के दौरान अक्सर लोग कई तरह की डरावनी या नकारात्मक कहानियां सुनाते हैं। उन्हें सुनें जरूर, लेकिन दिल से न लगाएं, क्योंकि हर किसी की प्रेगनेंसी का अनुभव अलग होता है। यदि आपको लगता है कि आप लगातार तनाव में हैं और यह खुद से कम नहीं हो रहा, तो बिना देर किए तुरंत अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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