गुमला/चैनपुर :-प्रखंड मुख्यालय सहित चैनपुर के शहरी और ग्रामीण इलाकों में अंधेरे को दूर करने के उद्देश्य से विधायक मद से लगाई गई सोलर आधारित स्ट्रीट लाइटें अब खुद सवालों के घेरे में हैं। लगभग एक वर्ष पूर्व बड़े प्रचार और उम्मीदों के साथ स्थापित की गई ये लाइटें आज कई प्रमुख स्थानों पर बंद पड़ी हैं, जिससे आम लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
चैनपुर प्रखंड के विभिन्न अखाड़ा स्थलों, सार्वजनिक चौक-चौराहों, अल्बर्ट एक्का चौक, थाना परिसर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्रखंड कार्यालय परिसर तथा बस स्टैंड जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में इन सोलर स्ट्रीट लाइटों को लगाया गया था। शुरुआती दिनों में इन लाइटों से राहगीरों, दुकानदारों और आम नागरिकों को काफी सुविधा मिली। खासकर बरसात के मौसम में जब बिजली बार-बार गुल हो जाती थी, तब ये सोलर लाइटें लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं थीं।
लेकिन वर्तमान स्थिति चिंताजनक है। कई स्थानों पर लगे चार लाइटों में से तीन पूरी तरह खराब हो चुकी हैं। बस स्टैंड के समीप लगी स्ट्रीट लाइट भी लंबे समय से बंद पड़ी है। शाम ढलते ही बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर अंधेरा छा जाता है, जिससे दुकानदारों में चोरी की आशंका बनी रहती है और राहगीरों, महिलाओं व बुजुर्गों को असुरक्षा का एहसास होता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि संवेदकों द्वारा घटिया सामग्री का उपयोग किए जाने और स्थापना के बाद किसी प्रकार की नियमित देख-रेख न होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार जनता की सुविधा के लिए करोड़ों रुपये खर्च करती है, लेकिन निगरानी के अभाव में योजनाएं कागजों तक ही सिमट कर रह जाती हैं। साल भर के भीतर ही लाखों रुपये की लागत से लगी स्ट्रीट लाइटें बेकार पड़ी हैं, जो सरकारी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती हैं।
प्रखंडवासियों और स्थानीय दुकानदारों ने प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि चैनपुर में खराब पड़ी सभी स्ट्रीट लाइटों की तत्काल मरम्मत कराई जाए और भविष्य में गुणवत्ता की जांच के साथ नियमित रख-रखाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। लोगों का कहना है कि जब तक सार्वजनिक स्थानों पर रोशनी बहाल नहीं होती, तब तक सुरक्षा और विकास के दावे अधूरे ही रहेंगे।
विधायक मद की स्ट्रीट लाइटें हुईं खराब, अंधेरे के साये में ग्रामीण और दुकानदार
घटिया सामग्री और रख-रखाव की कमी का आरोप



