Palamu News : जिला व्यवहार न्यायालय के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-नवम आभाष कुमार की अदालत ने बुधवार को एक चौंकाने वाले फैसले में बेटे और बहू को उम्रकैद की सजा सुनाई। यह मामला सदर थाना क्षेत्र के कौड़िया तिनकोनिया गांव का है, जहां एक बेटे-बहू ने मिलकर वृद्ध पिता की गला दबाकर हत्या कर दी थी।

अदालत ने दोनों दोषियों पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। यदि यह राशि अदा नहीं की जाती है, तो उन्हें एक-एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

मामले की शुरुआत तब हुई जब वादी रामदेव पाल ने सदर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बड़े भाई राजदेव पाल और भाभी मंजू देवी ने उनके पिता सागर महतो की हत्या की है। इस आधार पर सदर थाना कांड संख्या 42/2024 के तहत मामला दर्ज किया गया।

अदालत ने सुनवाई के दौरान प्रस्तुत गवाहों और सबूतों के आधार पर आरोपियों को दोषी पाया और भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई। फैसले के बाद गांव और आसपास के इलाके में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

यह घटना पारिवारिक विवाद के घातक परिणामों की एक गंभीर मिसाल बन गई है, जिसने रिश्तों में विश्वास और आपसी समझ की अहमियत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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